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समझदार पत्नी | लड़के को जबरदस्ती बनाया लड़की || Samzdar Patni | ladke ko banaya ladki


मेरा नाम दीपक है और मुझे बचपन से ही लड़कियों के कपड़े पहनने का बहुत शौक था और मैं छुप-छुपकर अपनी बड़ी बहन के कपड़े पहनता था

लेकिन मुझे कभी भी खुलकर लड़कियों के कपड़े पहनने का मौका नहीं मिलता था और फिर जब मैं थोड़ा बड़ा हुआ तो मैंने छुप छुपकर अपनी मां की साड़ी और ब्लाउज भी पहनना शुरू कर दिया था मैं हमेशा ही लड़की बनकर जीने के सपने देखा करता था और मैं बार-बार यही सोचता था कि एक दिन मैं जरूर लड़की बन जाऊंगा

लेकिन मुझे यह भी पता था कि मेरा यह सपना कभी पूरा नहीं होगा मैंने कई बार अपने मम्मी पापा को अपने बारे में बताने का सोचा

लेकिन मेरी कभी हिम्मत ही नहीं हुई

लेकिन फिर भी मैंने चोरी छिपे लड़कियों के कपड़े पहनना जारी रखा और शायद मैं थोड़ा सा किस्मत वाला भी था कि मैं कभी लड़कियों के कपड़े पहनते हुए रंगे हाथों नहीं पकड़ा गया था फिर ऐसे ही धीरे-धीरे समय बीतने लगा और मैंने कोलीज जाना शुरू कर दिया फिर मैंने अपने अंदर की लड़की को दबाने के लिए खुद को ज्यादा से ज्यादा पढ़ाई और खेल जैसी गतिविधियों में अभ्यस्त कर लिया जिससे कि किसी को मेरे बारे में कुछ पता ना चल जाए कॉलेज की लड़कियों को देखकर मेरा मन भी बार-बार लड़कियों के कपड़े पहनने को करता था क्योंकि कॉलेज की लड़कियां बहुत सुंदर-सुंदर और रंग बिरंगे कपड़े पहन करर आया करती थी थी

लेकिन मैं हर बार खुद को रोक लेता था और इसलिए मैंने कॉलेज में ज्यादातर लड़कों के साथ रहना शुरू कर दिया था जिससे कि मेरे अंदर की लड़की बाहर ना आ जाए नहीं तो मेरा कॉलेज में पढ़ना भी भारी हो जाता फिर ऐसे ही समय बीतता रहा और जैसे तैसे करके मैंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी कर ली और कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने के बाद मेरी जॉब किसी दूसरे शहर में लग गई शुरुआत में मुझे दूसरे शहर में अकेले रहने में थोड़ा अजीब लगता था इसलिए मैंने अपनी कंपनी के ही एक दोस्त को अपना रूम पार्टनर बना लिया था उस समय भी मुझे लड़कियों के कपड़े पहनने का मौका नहीं मिल पाता था फिर कुछ ही महीनों में मेरे घर वालों ने मेरी शादी के लिए मुझ पर दबाब बनाना शुरू कर दिया मैंने घर वालों से कई बार कहा कि मुझे अभी शादी नहीं करनी है

लेकिन घर वाले मेरी बात सुनने को तैयार नहीं थे क्योंकि अब मैं जवान हो चुका था और अच्छी जॉब कर रहा था और शायद इसलिए मेरे घर वाले भी मेरी शादी करके अपनी जिम्मेदारी से पीछा छुड़ाना चाहते थे अपने घर वालों के बार-बार कहने से मैंने भी शादी करने के लिए हां कर दिया फिर कुछ ही दिनों में मेरे घर वालों ने मेरी शादी प्रिया नाम की एक लड़की के साथ करवा दी फिर शादी के बाद मैंने अपना किराए का कमरा बदल लिया और अपनी पत्नी प्रया के साथ रहने लगा प्रया बहुत खूबसूरत लड़की थी और वह बहुत स्टाइलिश और सुंदर सुंदर कपड़े पहनती थी और प्रिया के उन सुंदर सुंदर और रंग बिरंगे कपड़ों को देखकर मेरे अंदर की लड़की भी उन कपड़ों को पहनने के लिए मचलने लगती थी

लेकिन मैंने किसी तरह खुद को रोके रखा

लेकिन मुझे ऐसा लगता था कि मेरे सामने मेरी इतनी सुंदर पत्नी और उसके इतने सुंदर और डिजाइनर कपड़े के होते हुए मैं खुद को ज्यादा दिन रोक नहीं पाऊंगा और जिसका डर था वही हुआ एक दिन जम मैं ऑफिस जाने से पहले नहाने के लिए बाथरूम में गया तो वहां दीवार पर लगे हुए एक हुक पर एक गुलाबी रंग की बिरा और एक गुलाबी रंग की पेंटी टंगी हुई थी और उस पेंटी पर एक प्यारी सी तितली का चित्र बना हुआ था देखने में वह बिरा और पेंटी बहुत प्यारी लग रही थी इसलिए मैं उस बिरा और पेंटी को अपने हाथों से छूकर देखने लगा और यही मेरी सबसे बड़ी गलती थी क्योंकि उस बिरा और पेंटी का कपड़ा बहुत ही चिकना और मखमली था और उस बिरा और पेंटी को छूते ही मुझे ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरे दिल और दिमाग पर कब्जा कर लिया हो और फिर मैंने एकदम से उस बिरा और पेंटी को पहन लिया बरा और पेंटी को पहनकर मैं बाथरूम में लगे शीशे में ही खुद को देखने लगा उस समय मेरे चेहरे पर बाल नहीं थे क्योंकि मैंने एक दिन पहले ही अपनी दाढ़ी और मूछ को साफ किया था

लेकिन मेरे बाकी शरीर पर हल्के हल्के बाल थे जिसकी वजह से मुझे थोड़ा अजीब लग रहा था मगर तभी मुझे प्रिया की बाल साफ करने वाली क्रीम दिखाई दी उस क्रीम को देखकर मैं खुश हो गया फिर जैसे ही मैंने उस क्रीम को छूना चाहा तभी बाथरूम के बाहर से प्रय की आवाज आई प्रया की आवाज सुनते ही मैंने एकदम से उस बराव और पेंटी को निकाल दिया तभी प्रिया कहने लगी कि मैंने नाश्ता तैयार कर दिया है तुम खुद ही लेकर खा लेना मैं जरा अपनी सहेली के घर जा रही हूं फिर मैंने भी बाथरूम के अंदर से ही प्रिया से कहा कि ठीक है मैं खुद नाश्ता लेकर खा लूंगा और फिर प्रया अपनी सहेली के घर चली गई फिर मैं भी जल्दी से नहाने लगा क्योंकि मुझे ऑफिस भी जाना था और नहाने के बाद जब मेरी नजर फिर से उस बरा पेंटी पर पड़ी तो मैं खुद को रोक नहीं सका और मैंने फिर से उस बिरा और पेंटी को पहन लिया और फिर उसके बाद मैं जल्दी से अपने कमरे में आया और फिर मैंने उस बिरा और पेंटी के ऊपर से ही अपनी ऑफिस वाली पैंट और शर्ट पहन ली और फिर मैं जल्दी से तैयार होकर नाश्ता करने लगा और फिर नाश्ता करने के बाद मैं ऑफिस के लिए निकल गया बरा और पैंटी सिर्फ कपड़े ही थे

लेकिन फिर भी पता नहीं क्यों उनको पहनकर मैं खुशी के मारे फुला नहीं समा रहा था और ऑफिस में भी मुझे बहुत ही अच्छी फीलिंग आ रही थी फिर ऐसे ही पूरा दिन बीत गया और फिर मैं शाम को घर पहुंच गया उस समय फिया रात का खाना बनाने के लिए सब्जी काट रही थी फिर मैंने जल्दी से अपने कपड़े निकाले और उस बिरा और पेंटी को को भी निकाला जो मैंने सुबह ऑफिस जाते हुए पहनी थी और फिर उसके बाद मैंने उस बरा और पेंटी को वापस बाथरूम में उसी हुक पर टांग दिया जिस पर से मैंने उसे उतारा था फिर उसके बाद मैं सोफे पर बैठकर टीवी देखने लगा फिर उसके बाद प्रिया ने खाना बना लिया और हम दोनों ने साथ में मिलकर खाना खाया और फिर उसके बाद हम सो गए फिर अगले दिन रविवार था और मेरे ऑफिस की छुट्टी थी इसलिए मैं देर से सोकर उठा फिर मैंने मोबाइल में देखा तो प्रिया का मैसेज था वो बाजार से सब्जी लेने के लिए गई थी फिर मैं उठा और नहाने के लिए बाथरूम में चला गया और उस समय भी बाथरूम में प्रिया की बिरा और पेंटी रखी हुई थी

लेकिन वह कल वाली नहीं थी बल्कि कोई दूसरी थी फिर मैंने जल्दी से नहाकर उस बिरा और पैंटी को पहन लिया और फिर उसके ऊपर से अपनी पैंट और शर्ट पहन ली और फिर पूरे दिन मैंने वो ब्रा और पैंटी पहने रखी फिर ऐसे ही कई दिन बीत गए और मैं हर रोज प्रिया की अलग-अलग तरह की बिरा पैंटी पहनने लगा और कभी-कभी प्रिया के बाकी कपड़े भी छुप-छुप कर पहनने लगा

लेकिन मुझे सिर्फ पिय के कपड़े ही नहीं पहनने थे बल्कि मुझे मेकअप भी करना था और गहने भी पहनने थे

लेकिन मैं डरता था कि कहीं प्रिया को मेरे बारे में पता ना चल जाए और वह मुझे छोड़कर ना चली जाए फिर एक दिन जब प्रिया घर पर नहीं थी तो मैंने उसकी कपड़ों की अलमारी में देखा कि उसमें एक लंबे बालों की हेयर बिक रखी हुई थी उस बिग को देखकर मैं सोचने लगा कि आखिर प्रिया ने यह बिग क्यों खरीदी होगी

लेकिन फिर मुझे ध्यान आया कि लड़कियों को नए नए हेयर स्टाइल बनाने के लिए बिग की जरूरत पड़ती है

लेकिन प्रिया को क्या पता था कि उसकी बिग का इस्तेमाल अब मैं करने वाला था और फिर मैंने धीरे-धीरे प्रया का मेकअप का सामान भी इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था और मैंने अपने शरीर के सारे बाल भी साफ कर लिए थे फिर एक दिन शम के समय पिरया नेने मुझसे कहा कि मैं अपनी एक सहेली के जन्मदिन में जा रही हूं इसलिए तुम खाना खाकर सो जाना क्योंकि मुझे रात को थोड़ी देर हो सकती है और हो सकता है कि मैं सुबह को ही वापस आऊं क्योंकि मेरी सहली मुझे रात में वापस आने नहीं देगी पजय की यह बात सुनकर मैंने उससे कहा कि तुम रात में वापस मत आना क्योंकि आजकल माहौल बहुत खराब चल रहा है और खूबसूरत औरतों को तो रात में बिल्कुल भी बाहर नहीं निकलना चाहिए मेरी यह बात सुनकर प्रिया ने हंसकर कहा ठीक है मैं सुबह को ही आऊंगी और फिर उसके बाद प्रिया ने एक हरे रंग की साड़ी और ब्लाउज पहना और फिर उसके बाद अपना मेकअप किया और फिर अच्छी तरह से तैयार होकर अपनी सहेली के जन्मदिन में जाने के लिए निकल गई प्रिया के घर से जाते ही मैं खुश हो गया और फिर मैंने सोचा कि अब तो मैं पूरी रात ही प्रया के कपड़े पहनकर रहूंगा और मजे करूंगा और यही सोचते हुए मैं जल्दी से नहाने के लिए बाथरूम में चला गया और तभी मैंने देखा कि मेरे शरीर पर कुछ बाल दिख रहे थे फिर मैंने जल्दी से पि की बाल साफ करने वाली क्रीम लगाई और फिर नहाने लगा नहाने के बाद मेरा शरीर एकदम चिकना और मुलायम हो चुका था फिर उसके बाद मैं टोबल लपेटकर बाथरूम से बाहर आया और फिर रूम में चला गया फिर मैंने देखा कि प्रिया की कपड़ों की अलमारी में सबसे ऊपर एक गुलाबी रंग का लहंगा और चोली रखा हुआ था और उस पर सितारे जड़े हुए थे उस लहंगे और चोली को देख कर मुझसे रहा नहीं जा रहा था फिर मैंने उस लहंगे और चोली के ऊपर रखी गुलाबी रंग की बिरा और पैंटी को पहन लिया वो बरा पैड वाली थी जिसकी वजह से मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था फिर उसके बाद मैंने उस चोली को पहना वह चोली बहुत ही प्यारी थी और उस पर काफी फूलों वाली कढ़ाई हो रखी थी और उस चोली की आस्तीन जालीदार कपड़े की बनी हुई थी और वो आस्तीन फुल बाजू की थी जो कि मेरे हाथों से एकदम पक गई थी फिर मैंने चोली के पीछे से हुक लगाए और उस चोली के पीछे की डोरियों को सही किया फिर उसके बाद मैंने उस गुलाबी रंग के लहंगे को अपने सिर के ऊपर से डालकर पहन लिया फिर मैंने उस लहंगे की चैन बंद कर दी जो कि साइड में कल्हे की तरफ लगी हुई थी और फिर मैंने उस लहंगे के नाड़े को कसकर बांध दिया उस नाड़े में काफी भारी सी लटकन लगी हुई थी जो बहुत ही प्यारी लग रही थी प्रिया की गैर मौजूदगी में मैंने मेकअप करना भी सीख लिया था और इसलिए मैंने अपने चेहरे पर मेकअप लगाना शुरू कर दिया सबसे पहले मैंने अपने चेहरे पर फाउंडेशन लगाया और फिर आंखों में काजल और आईलाइनर लगाया और फिर उसके बाद आंखों की पलकों के ऊपर गुलाबी रंग का आईशैडो लगाया और फिर अपने होठों पर एक गुलाबी रंग की लिपस्टिक लगा ली फिर उसके बाद मैंने अपने हाथों में गुलाबी रंग की चूड़ियां पहनी और फिर अपने हाथों और पैरों के नाखूनों पर गुलाबी रंग की नेल पॉलिश लगा ली फिर उसके बाद मैंने अपने पैरों में पायल पहनी और फिर मैंने प्रिया की लंबे बालों की हेयर बग निकाली और उसको अपने सिर पर अच्छी तरह से सेट कर दिया और फिर मैंने अपने माथे पर एक छोटी सी गोल बिंदी लगाई और फिर अपने सिर पर दुपट्टा उड़ लिया फिर मैंने पिरा की लेडी सैंडल पहनी और खुद को बड़े से शीशे में देखने लगा और मैं यह देखकर बहुत खुश था कि मैं उस लहंगे और चोली में बहुत ही खूबसूरत लड़की लग रहा था

लेकिन तभी मुझे एहसास हुआ कि मेरे कानों में झुमके और नाक में नथनी नहीं है और फिर मैं पड़ के सामान में ढूंढने लगा कि कोई क्लिप वाले झुमके और क्लिप वाली नोज रिंग रखी है या नहीं

लेकिन काफी देर ढूंढने के बाद भी मुझे कोई क्लिप वाले झुमके या क्लिप वाली नोज रिंग दिखाई नहीं दी

लेकिन तभी मेरी नजर एक छोटे से बॉक्स पर पड़ी और जब मैंने उसको खोलकर देखा तो उसमें गुलाबी रंग के बड़े-बड़े झुमके रखे हुए थे और एक गल वाली नोज रिंग भी रखी हुई थी जिस पर हीरे के जैसे चमकने वाले छोटे-छोटे मोती जड़े हुए थे और वो झुमके और वो नोज रिंग मुझे बहुत ही अच्छे लग रहे थे क्योंकि मैं ऐसे ही प्यारे प्यारे झुमके और नोज रिंग पहनना चाहता था

लेकिन जैसे ही मैंने उन झुमको को और उस नोज रिंग को ध्यान से देखा तो मैं उदास हो गया क्योंकि वो झुमके और नोज रिंग बिना छेद के नहीं पहने जा सकते थे और यह देखकर मुझे रोना सा आने लगा और मेरी आंखों में आसू आ गए क्योंकि मैं पहली बार इतनी अच्छी तरह से सजा बैठा था

लेकिन मेरे नाक और कान छदेई नहीं थे जिसकी वजह से मेरी खुशी अधूरी सी लग रही थी तभी मेरे पीछे से आवाज आई कि ऐसे रोने से मेकअप खराब हो जाएगा बेबी आवाज सुनते ही मैं एकदम से घबरा गया और फिर जब मैंने पीछे मुड़कर देखा तो मेरे सामने प्रिया खड़ी थी प्रिया को अपने सामने देखकर मैं एकदम से चौक गया और शर्म और राहट के मारे मैं प्रया से कुछ कह नहीं सका तभी प्रया मेरे पास आई और मुझसे कहने लगी कि क्या हुआ झुमके और नोज रिंग पहननी है क्या चलो मैं पहना हूं और इतना कहकर पिरया ने मेरे कानों में सुई से छेद कर दिए और फिर उनमें वो बड़े वाले गुलाबी रंग के झुमके पहना दिए और फिर उसके बाद पिरया मेरी नाक में भी छेद करने लगी तभी मैंने पिया का हाथ पकड़ लिया और उससे कहने लगा कि प्रिया यह तुम क्या कर रही हो तो पिया ने कहा कि मैं अपने पति की नाक में छेद करके उसे नथनी पहना रही हूं और फिर इतना कहकर पिया ने मेरे नाक में भी एक छेद कर दिया और उसमें वह प्यारी सी नथनी पहना दी फिर जब मैंने खुद को शीशे में देखा तो मेरा चेहरा और भी ज्यादा प्यारा लग रहा था फिर मैंने प्रजा की तरफ देखा तो वह भी मुझे देखकर काफी खुश नजर आ रही थी मेरे समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर प्रिया को क्या हो गया है एक तो मैं उसका पति होकर भी लहंगा चोली पहने हुए था और मेकअप भी किए हुए था और ऊपर से पिरिया मुझ पर गुस्सा करने की बजाय मेरी मदद कर रही थी और उसने मेरे नाक और कान भी छेद दिए थे और ऊपर से मुझे औरत के रूप में देखकर खुश भी हो रही थी तभी मैंने प्रिया से कहा कि प्रिया मुझे माफ कर दो तो प्रिया ने मुझसे पूछा कि किस लिए माफ कर दूं तुम्हें तुमने सिर्फ मेरे कपड़े ही तो पहने हैं और इसमें माफी मांगने वाली क्या बात है प्रिया की यह बात सुनकर मैं बहुत हैरान हुआ कि प्रिया मुझसे गुस्सा नहीं थी फिर मैंने प्रिया से कहा कि क्या तुम्हें बुरा नहीं लग रहा कि मैंने औरतों की तरह कपड़े पहने हैं और मेकअप भी कर रखा है तो पिया ने कहा कि मुझे बुरा नहीं लग रहा है क्योंकि मैंने भी तुम्हारे कपड़े कई बार पहने हैं

लेकिन हां मुझे एक बात का बुरा जरूर लग रहा है कि तुमने मुझसे कभी अपने बारे में बताया क्यों नहीं तभी मैंने प से कहा कि मुझे डर लग रहा था कि कहीं तुम मुझे छोड़कर ना चली जाओ तो पिया ने कहा कि हां मैं तुम्हें छोड़कर चली जाती

लेकिन अब नहीं जाऊंगी विजय की यह बात सुनकर मैंने हैरानी के साथ पूछा कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि तुम पहले मुझे छोड़कर जाने वाली थी

लेकिन अब नहीं जाओगी तो प्रिया ने कहा कि जब पहली बार बाथरूम के अंदर से मेरी बिरा और पेंटी गायब हुई थी और शाम को वापस आ गई थी तो मुझे बहुत अजीब लगा था और मैंने सोचा था कि कहीं तुम मेरे साथ कोई धोखा तो नहीं कर रहे हो कहीं तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड तो नहीं है

लेकिन जब मैंने तुम्हें अगले दिन देखा तो तुम्हारी कमर पर से शर्ट के अंदर बिरा की पट्टियां दिख रही थी और फिर मैं समझ गई थी कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है बल्कि तुम खुद ही मेरे कपड़े पहनते हो और फिर मैंने इस बारे में बहुत सोचा कि मैं तुम्हारे साथ रहूं या ना रहूं क्योंकि मैं एक लड़की की तरह भी व्यवहार करने वाले आदमी के साथ कैसे रह सकती थी क्योंकि मुझे लग रहा था कि तुम एक किन्नर हो या गे हो प्रया की यह बात सुनकर मैंने उससे कहा कि मैं किन्ना नहीं हूं तभी प्रिया ने कहा कि हां मुझे पता चल गया है कि तुम किन्ना नहीं हो बल्कि एक मर्द हो और मेरे प्यारे पति हो क्योंकि मैंने कुछ दिन पहले ही डॉक्टर से अपना चेकअप करवाया था और मैं प्रेग्नेंट हूं इसका मतलब यह है कि तुम पूरी तरह से मर्द हो बस बस तुमको लड़कियों के सुंदर सुंदर और रंग बिरंगे कपड़े पहनना अच्छा लगता है और मेकअप करके सुंदर दिखने का मन करता है जैसे कि हम औरतों लड़कियों को भी कभी-कभी पैंट और शर्ट पहनना अच्छा लगता है और मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई भी गलत बात है प्रिया की यह बात सुनकर मेरी आंखों में खुशी के आंसू आ गए और फिर मैंने प्रिया से कहा कि प्रिया जब भी मैं तुम्हारे कपड़े पहनता था तो मुझे लगता था कि जैसे मैं कभी पापा बनने के ला ही नहीं हूं

लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने कर दिखाया मेरी यह बात सुनकर प्रिया ने कहा कि तुम्हारी सी बहादुरी की वजह से ही तो मैंने आज तुम्हें यह कपड़े गिफ्ट किए हैं जिनको मैं जानबूझकर तुम्हारे लिए लेकर आई थी और यह लंबे बालों की बग भी मैं तुम्हारे लिए ही लेकर आई थी और अब मैंने तुम्हारे नाक और कान भी छेद इसलिए किए हैं ताकि तुम अपनी जिंदगी घुट घुट कर ना जियो और जैसे चाहे वैसे रहो और तुम जब चाहे कपड़े पहन सकते हो और मैं खुद भी तुम्हारी मदद कर दिया करूंगी प्रय की यह बात सुनकर मैं खुशी के मारे रो पड़ा और प्रिया से कहने लगा कि प्रिया तुम कोई देवी हो जो मेरे दुखों को दूर करने के लिए ही मेरी जिंदगी में आई हो और मैं भगवान से प्रार्थना करूंगा कि वो हर जन्म में तुम्हें ही मेरी पत्नी बनाए तभी प्रिया ने मुझसे कहा कि प्रार्थना करूंगा नहीं बल्कि यह बोलो कि प्रार्थना करूंगी और इतना कहकर प्रिया हंसने लगी और फिर मैं भी हसने लगा तभी प्रिया ने मुझसे कहा कि देखो दीपिका बेबी क्या तुम जानती हो कि मैंने आज का दिन ही क्यों चुना तुम्हें लड़की बनाने के लिए तो मैंने प्रिया से कहा कि मुझे नहीं पता तो प्रिया ने कहा कि आज हमारी शादी को एक साल हो चुका है और इसलिए मैंने आज का दिन चुना था और मेरे पास तुम्हारे लिए एक और सरप्राइज है तभी मैंने प्रिया से पूछा कि क्या सरप्राइज है तो प्रिया ने कहा कि वो सरप्राइज मैंने अपनी साड़ी के पल्लू में छुपा रखा है और उसकी वजह से ही आज तुम्हें असली औरत होने का सुख प्राप्त होगा पय की यह बात सुनकर मैंने हैरानी से उससे पूछा कि क्या सच में तुम्हारे पास वो गिफ्ट है तो प्रिया ने कहा कि आज की रात तुम मेरी पत्नी हो और अब चलो बिस्तर पर सोने चलते हैं और फिर लगभग चार घंटे तक बातें करने के बाद हम सो गए और फिर उस दिन से ही मैं अपनी पत्नी की सहेली बन गया और अब मैं ज्यादातर अपनी पत्नी के ही कपड़े पहनता हूं और मेरी प्यारी और समझदार पत्नी मुझे अपने साथ सहेली की तरह बाहर भी घुमाने लेकर जाती है और अब हम दोनों बहुत खुश है


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