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खतरनाक पत्नी | मर्द को जबरदस्ती बनाया घरेलू औरत || khataranaak Patni | mard ko jabaradastee banaaya ghareloo aurat



मेरा नाम अनन्या है

लेकिन यह मेरा असली नाम नहीं है यह मेरी पत्नी अंजलि ने मुझे दिया है जबकि मेरा असली नाम कु सागर है और यह कहानी भी मैं अपनी पत्नी की आज्ञा लेकर ही लिख रहा हूं यह बात दो साल पहले की है उस समय मेरी शादी अंजलि के साथ हुई थी और उस समय मेरी उम्र 25 साल थी और अंजलि की उम्र 26 साल थी हां आपने सही सुना अंजलि मुझसे एक साल बड़ी थी अंजलि का और मेरा बॉडी साइज लगभग एक जैसा ही था

लेकिन मैं एक मर्द था इसलिए मैं सोचता था कि मुझ में अंजलि से ज्यादा ताकत है और अंजली तो बहुत नाजुक सी है और मेरी इसी गलतफहमी की वजह से मेरे साथ कुछ ऐसा हुआ जिसकी मैं कल्पना भी नहीं कर सकता था एक बार की बात है अंजलि की कुछ सहेलियां हमारे घर पर उससे मिलने आई थी अंजली ने उनको चाय पिलाई और फिर वह सब बातें करने लगी और बातों ही बातों में अंजली और उसकी सहेलियां हाथ का पंजा लड़ाने वाला खेल खेलने लगी उनको यह खेल खेलते हुए देखकर मैंने हंसते हुए उनसे कहा कि यह सब मर्दों का खेल है औरतों का नहीं क्योंकि औरतें नाजुक होती हैं और ऐसा खेल खेलने से औरतों की कलाई मुड़ सकती है मेरी यह बात सुनकर वो सभी एकदम से चुप हो गई फिर अंजली ने मुझसे कहा कि तुम मेरे सामने मेरे सहेलियों का मजाक नहीं उड़ा सकते अगर तुम्हें लगता है कि तुम बहुत ताकतवर हो तो आओ सबसे पहले मुझे ही हरा कर दिखा दो अंजली की यह बात सुनकर मैं फिर से हंसने लगा और फिर मैंने अंजली से कहा कि अगर मैं त गया तो तुम्हें मेरी हर बात माननी होगी मेरी यह बात सुनकर अंजली ने कहा कि ठीक है जो तुम कहोगे मैं वही करूंगी

लेकिन अगर मैं जीत गई तो तुम्हें भी मेरी हर एक बात माननी पड़ेगी अंजलि की यह बात सुनकर मैंने उससे कहा कि ज्यादा सपने मत देखो क्योंकि तुम मुझे कभी भी हरा नहीं सकती क्योंकि मैं एक मर्द हूं और मर्द के हाथों में बहुत ताकत होती है

लेकिन अगर तुम सच में मुझे हरा दोगी तो मैं तुम्हारी सारी बात मानूंगा मेरी यह बात सुनकर अंजली ने कहा ठीक है चलो आओ बैठो मेरे सामने फिर मैं अंजली के सामने बैठ गया और हाथ का पंजा लड़ाने लगा फिर जब मैंने अंजली का हाथ पकड़ा तो उसका हाथ बहुत मुलायम था और उसने अपने हाथ हाथों में काफी सारी चूड़ियां भी पहनी हुई थी और अपनी उंगलियों के नाखूनों पर गुलाबी रंग की नेल पॉलिश भी लगा रखी थी अंजली के ऐसे कोमल और नाजुक से हाथों को छूकर मुझे मन ही मन अंजलि पर हंसी आ रही थी कि अंजली कितनी बेवकूफ है जो उसने मेरे साथ यह शर्त लगा ली अब तो मैं उसे हराकर उसे अपने इशारे पर न चाऊंगा मैं यह सब सोच ही रहा था कि अंजली ने एकदम से अपनी ताकत दिखाई और अपना हाथ बहुत टाइट कर लिया और देखते ही देखते अंजलि ने मुझे हरा दिया मेरे हारते ही अंजलि और उसकी सहेलियां खुशी से उछल पड़ी और मेरी हार पर हंसने लगी तभी मैंने अंजली से कहा कि यह सब धोखा है तुमने अपने खूबसूरत हाथों को मेरे सामने करके मेरे दिमाग को भटका दिया था इसलिए यह बाजी शुरू से होगी तभी अंजलि ने मुझसे कहा कि मर्द होते ही ऐसे हैं चाहे उनमें बिल्कुल भी ताकत ना हो

लेकिन वोह बातें फिर भी बहुत घमंड वाली करते हैं और अगर तुम ं ऐसा ही लगता है कि मैंने तुम्हें धोखे से हराया है तो मैं तुम्हें दो मौके और देती हूं अगर तुमने मुझे एक बार भी हरा दिया तो मैं अपनी हार मान लूंगी और तुम्हारी सारी बात मानूंगी अंजली की यह बात सुनकर मैं खुश हो गया और फिर से अंजली से हाथ का पंजा लड़ाने लगा

लेकिन इस बार अंजलि के हाथों में पहले से भी ज्यादा ताकत थी और उसने मुझे दूसरी बार भी बड़ी आसानी से हरा दिया और फिर इसी तरह तीसरी बार भी अंजली जीत गई और मैं हार गया अब मैं इतनी बुरी तरह से हारने के बाद अंजलि और उसकी सहेलियां मेरा बहुत मजाक उड़ा रही थी और मैं चुपचाप अपना सिर झुकाए हुए बैठा था तभी अंजलि ने मुझसे कहा कि चलो अब नाच कर दिखाओ अंजलि की यह बात सुनकर मैं एकदम से चौक गया क्योंकि अंजलि ने कभी भी मुझे इस तरह से नाचने के लिए नहीं बोला था और वो भी अपनी सहेलियों के सामने मुझे नाचना नहीं आता था इसलिए मैं चुपचाप बैठा रहा तभी अंजलि ने मुझसे गुस्से में चिल्लाकर कहा कि तुम नाचोगे या फिर तुम्हें थप्पड़ चाहिए अंजलि की यह बात सुनकर मुझे बहुत गुस्सा आ गया

लेकिन तभी मुझे याद आया कि अंजली ने मुझे कितनी आसानी से हरा दिया था इसलिए मुझे अंजली से पंगा नहीं लेना चाहिए और इसलिए मैं चुपचाप खड़ा हो गया और नाचने लगा मेरे चारों तरफ अंजलि की सहेलियां बैठी हुई थी और वह सब मुझे नाचता देखकर हंस रही थी तभी अंजलि की एक सहेली ने अंजली से कहा कि यार अंजली अगर तेरे पति ने लहंगा पहना होता तो फिर इन का नाच देखने में ज्यादा मजा आता अपनी सहेली की यह बात सुनकर अंजली ने उससे कहा कि ठीक है मैं अभी लहंगा लेकर आती हूं फिर अंजली अंदर कमरे में गई और अपना एक गुलाबी रंग का मोतियों से जड़ा हुआ लहंगा लेकर आई और मेरे मुंह पर फेंक कर मार दिया और मुझसे कहने लगी इस लहंगे को पहन कर नाचो अंजलि की यह बात सुनकर और ऐसा व्यवहार देखकर मुझे बहुत गुस्सा आने लगा और गुस्से में आकर मैंने उस लहंगे को वापस अंजलि के मुंह पर ही फेंक दिया और उसे कहने लगा कि अपनी हद में रहो नहीं तो सबके सामने तुम्हें अभी बता दूंगा कि मैं कौन हूं मेरी यह बात सुनकर अंजलि की सारी सहेलियां चुप हो गई और अंजलि को ऐसा लगा जैसे कि मैंने उसकी बेइज्जती कर दी है फिर अंजली उठकर मेरे पास आई और मुझसे फिर से कहने लगी कि चलो यह लहंगा पहनो और वह मुझे उस लहंगे को मेरे हाथ में पकड़ने लगी तभी मैंने अंजलि का हाथ पकड़कर झटका मार दिया और अंजलि को धक्का दे दिया जिससे कि वो नीचे गिरते गिरते बची और वो लहंगा भी नीचे को गिर गया तभी अंजली को और भी गुस्सा आ गया और अंजली ने एकदम से मेरे गाल पर बहुत जोर से थप्पड़ मार दिया अंजली का थप्पड़ इतने जोर का था कि मैं नीचे को गिर गया फिर जब मैंने अपने गाल पर हाथ लगाया तो मुझे महसूस हुआ कि मेरे गाल पर अंजली की उंगलियों के निशान छप चुके थे और मुझे काफी दर्द हो रहा था फिर अंजली ने जैसे ही मुझे पीटने के लिए कदम बढ़ाया तभी मैंने अंजली से कहा कि रुक जाओ मैं लहंगा पहन लूंगा मेरी यह बात सुनकर अंजली रुक गई और फिर मुझसे कहने लगी कि चलो पहनो लहंगा और फिर नाचो सबके सामने अंजली के इतना कहते ही मैंने वोह लहंगा उठाया और उसको पहनने लगा मैंने उस समय पैट और शर्ट पहन रखी थी और फिर मैंने उस लहंगे को भी अपनी पैंट के ऊपर ही पहन लिया था

लेकिन लहंगा पहनने के बाद देखने में ऐसा लग रहा था कि जैसे मैंने सिर्फ शर्ट और लहंगा ही पहन रखा हो वो लहंगा काफी बड़े घेर का था और काफी लंबा था और वो नीचे जमीन को छू रहा था फिर मैं धीरे-धीरे नाचने लगा मुझे इस तरह से लहंगा पहनकर नाचते हुए देखकर अंजली और उसकी सहेलियां बहुत खुश हो रही थी और मैं उन सबको हंसते हुए देखकर शर्म से पानी पानी हो रहा था मुझे ऐसा लग रहा था कि काश जमीन फट जाए और मैं उसके अंदर समा जाऊं फिर लगभग एक घंटे तक मुझे नचाने के बाद और मेरा मजाक उड़ाने के बाद अंजली और उसकी सहेलियों ने मुझे छोड़ दिया और फिर अंजली ने मुझसे कहा कि आज के बाद कभी भी औरतों के सामने अपनी मर्दानगी का घमंड मत दिखाना नहीं तो तुम सोच भी नहीं सकते कि तुम्हारे साथ क्या-क्या हो सकता है यह बात सुनकर मैंने अंजली से कहा कि ठीक है और फिर उसके बाद अंजलि की सहेलियां वापस अपने अपने घर चली गई फिर उस दिन से घर में सब कुछ बदलने लगा और मेरा जो घर में हुकम चलता था वह अब कम होने लगा था फिर इस तरह भी कुछ दिन ही बीते थे कि मेरे ऊपर एक और मुसीबत आ गई मतलब कि जिस कंपनी में मैं काम करता था उसमें आग लग गई थी जिसकी वजह से मेरी नौकरी चली गई और फिर मुझे दूसरी जगह जॉब मिलने में बहुत परेशानी होने लगी अंजलि और मैं दोनों ही जॉब करते थे और हमने घर के कुछ कामों को करने के लिए एक नौकरानी को रखा हुआ था जो कपड़े धोना बर्तन मांजना झाड़ू पोंछा लगाना यह सब करती थी और फिर अपने घर चली जाती थी फिर मेरी जॉब छूटने के बाद मैं ज्यादातर घर में ही रहने लगा और मेरा काम बस मोबाइल चलाना और टीवी देखना ही रह गया था यह बात अंजली को बुरी लगती थी और फिर एक दिन अंजली ने उस नौकरानी को काम पर आने के लिए मना कर दिया और फिर अंजली ने मुझसे कहा कि नौकरानी को पैसे देने से अच्छा है कि तुम यह घर के काम कर दिया करो इससे पैसों की भी बचत होगी और तुम्हारा टाइम भी पास होता रहेगा मुझे अंजली की यह बात बहुत बुरी लगी क्योंकि अं ली ने मुझे नौकरानी वाला काम करने के लिए कहा था

लेकिन मैं और कर भी क्या सकता था क्योंकि एक तो मुझे कोई जॉब नहीं मिल रही थी और ऊपर से अंजली इतनी खतरनाक होती जा रही थी इसलिए मैंने घर के झगड़े को मिटाने के लिए अंजली की बात मान ली और फिर मैं उसी दिन से घर में औरतों वाले सारे काम करने लगा मुझे घर में यह सब औरतों वाले काम करने में बहुत गुस्सा आता था

लेकिन मैं मजबूर था और मैं सोचता था कि बस एक बार मुझे कोई अच्छी जॉब मिल जाए फिर मैं यह सब काम नहीं करूंगा और फिर अंजली से कह दूंगा कि वह दोबारा से किसी नौकरानी को काम पर रख ले अंजली मुझसे घर का सभी काम करवाती थी और एक काम करते हुए तो मुझे बहुत ही गुस्सा आता था और वह काम था अंजली के गंदे कपड़े धोना और सबसे बड़ी बात तो यह थी कि अंजली अपनी गंदी ब्रा और पेंटी भी अपने कपड़ों के साथ ही छोड़कर अपने ऑफिस चली जाती थी और फिर बाद में मुझे ही अंजलि की गंदी बिरा और पेंटी धोनी पड़ती थी यह मुझे बहुत बुरा लगता था और इन सबसे बचने का मेरे पास एक ही तरीका था कि मुझे जल्द से जल्द एक जॉब ढूंढनी थी लगभग चार महीने तक मैं घर के औरतों वाले काम करता रहा और अपनी जॉब की तलाश भी करता रहा

लेकिन मेरी किस्मत ने मेरा साथ नहीं दिया और मुझे कोई अच्छी सी जॉब नहीं मिली फिर शाम को जब अंजली ऑफिस से वापस आई तो अंजली ने मुझसे कहा कि मेरे पास तुम्हारे लिए खुशखबरी है और वह यह है कि मेरा प्रमो हो गया है और मेरी सैलरी भी बहुत ज्यादा बढ़ गई है यानी कि अब तुम्हें जॉब के लिए ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा और अब तुम आराम से घर पर रह सकते हो और ऐसे ही घर के काम कर दिया करो और मजे करो तभी मैंने अंजली से कहा कि मुझे घर के औरतों वाले काम करना पसंद नहीं है मैं पैट और शर्ट पहनने वाला एक मर्द हूं और तुम साड़ी ब्लाउज पहनने वाली एक औरत हो और इसलिए यह घर का काम करना मुझे शोभा नहीं देता तभी अंजली ने मुझसे कहा कि अगर तुम्हें पैंट और शर्ट पहनकर यह औरतों वाला काम करना अच्छा नहीं लगता है तो मेरी साड़ी पहन लिया करो वैसे भी तुम सारा दिन घर में ही तो पड़े रहते हो अंजलि की यह बात सुनकर मैंने गुस्से में उससे कहा कि तुम आखिर खुद को समझती क्या हो शायद तुम भूल रही हो कि मैं इस घर का मर्द हूं और इस घर में मेरी ही चलेगी तभी अंजली मेरे पास आई और मेरे सिर के बाल पकड़ लिए और मुझसे पूछने लगी कि फिर से बोलो जरा क्या कहा तुमने अंजली ने जब मेरे सिर के बाल पकड़े तो मुझे बहुत दर्द हुआ इसलिए मैंने अंजलि के हाथ पर जोर से अपना हाथ मार दिया और फिर अंजली ने एकदम से मेरे सिर के बालों को छोड़ दिया क्योंकि अंजली के हाथ पर शायद मैंने कुछ ज्यादा ही तेज मार दिया था फिर अंजलि को और भी ज्यादा गुस्सा आने लगा और उसने मेरे मुंह पर एक मुक्का मार दिया और फिर मेरे दोनों गालों पर बारी-बारी से थप्पड़ की बारिश कर दी और फिर मुझसे कहने लगी कि एक तो तुम घर में बेकार पड़े रहते हो और ऊपर से मुझ पर मर्दानगी का रोब झाड़ते हो आज मैं तुम्हारा यह मर्दानगी का घमंड जरूर [संगीत] उतारूंगा करके थक गई तो अंजली ने मुझसे कहा कि जाओ मेरे लिए चाय बनाकर लाओ अंजलि के थप्पड़ की मार से मैं अभी ठीक से संभल भी नहीं पा रहा था

लेकिन फिर भी मुझे अंजलि के लिए चाय तो बनानी ही थी और इसलिए मैं धीरे-धीरे रसोई की तरफ जाने लगा तभी अंजली ने एकदम से मेरे पीछे से एक लात मारी और मैं लुढ़क हुआ काफी दूर जाकर गिरा और फिर अंजली कहने लगी कि अगर 5 मिनट के अंदर मुझे चाय नहीं मिली तो आज मैं तुम्हारा बहाल करूंगी कि तुम याद रखोगे फिर मैं जल्दी से उठकर रसोई की तरफ भागा और जल्दी-जल्दी चाय बनाने लगा और मैंने चाय बनाने में लगभग 6 मिनट लगा दिए थे यह देखकर अंजलि ने मुझसे कहा कि तुम सुधरोगे नहीं ना और इतना कहकर अंजलि ने मुझे पीटने के लिए अपना हाथ उठा लिया तभी मैंने अंजली से माफी मांगी कि आज के बाद मैं कोई गलती नहीं नहीं करूंगा प्लीज मुझे माफ कर दो मेरी यह बात सुनकर अंजली ने कहा कि ठीक है आज तो मैं तुम्हें माफ कर रही हूं

लेकिन आगे से ध्यान रखना फिर उसके बाद मैं कमरे में चला गया फिर जब मैंने अपना चेहरा देखा तो मेरे दोनों गाल टमाटर की तरह लाल हो चुके थे क्योंकि अंजलि ने बहुत ताकत से मेरे गालों पर थप्पड़ लगाए थे फिर थोड़ी देर के बाद अंजलि ने मुझे आवाज लगाई और मुझसे खाना बनाने के लिए कहने लगी अंजली की आवाज सुनते ही मैं एकदम से कमरे से बाहर आया और रसोई में जाकर खाना बनाने लगा फिर खाना बनाने के बाद मैंने और अंजली ने साथ में मिलकर खाना खाया और फिर उसके बाद हम सो गए फिर अगले दिन मैंने सुबह को उठकर पूरे घर में झाड़ू लगाई और फिर फर्श पर पोंछा लगाया और फिर नहा धोकर अपनी पैंट और शर्ट पहन ली और फिर चाय और नाश्ता बनाने लगा फिर जब मैंने नाश्ता बनाकर तैयार कर लिया तो मैंने अंजली को जगाया और उससे नाश्ता करने के लिए कहने लगा फिर अंजली हाथ मुंह धोने के लिए बाथरूम में गई और फिर हाथ मुंह धोने के बाद जब उसने ध्यान से घर को देखा तो पूरे घर की साफ सफाई देखकर अंजली खुश हो गई और फिर वह नाश्ता करने बैठ गई और मैं भी नाश्ता करने लगा नाश्ता करते हुए अंजली ने मुझसे कहा कि देखो आप पुरानी बातों को भूल जाते हैं और खुशी से रहते हैं अंजलि की यह बात सुनकर मैंने भी हां कर दिया फिर अंजली ने मुझसे कहा कि देखो मेरे प्रमोशन की वजह से मैंने अपनी सहेलियों को आज रात को घर पर ही पार्टी देने का प्लान बनाया है और तुम्हें ही सारा कुछ देखना होगा और ध्यान रहे कि मेरी सहेलियों को किसी चीज की कोई कमी महसूस ना हो और मेरी सहेलियों से जरा प्यार से बात करना जिससे उन्हें किसी बात का बुरा ने लगे अंजलि की यह बात सुनकर मैंने उससे कहा कि ठीक है मैं तुम्हारी हर बात का ध्यान रखूंगा फिर उसके बाद अंजलि ना धोकर और एक जींस और टीशर्ट पहनकर घर से निकल गई शायद वो अपनी किसी सहेली के घर गई हो होगी या फिर मार्केट में शॉपिंग करने गई होगी

लेकिन मैंने अंजली को टोकना जरूरी नहीं समझा क्योंकि मैं उसको गुस्सा नहीं दिलाना चाहता था फिर मैंने बर्तन साफ किए और उसके बाद अपने गंदे कपड़े धोए और अंजली के भी कपड़े धोए जिसमें बरा और पैंटी भी थी फिर उसके बाद मैं आराम करने लगा फिर कुछ देर के बाद अंजली भी आ गई और फिर उसके बाद अंजली ने मुझसे रात के खाने की तैयारी करने के लिए कहा और अंजली भी मेरी मदद करने लगी मैं यह देखकर बहुत खुश था कि अंजली अब पहले जैसी हो गई है और मुझ पर गुस्सा नहीं कर रही है फिर इसी तरह समय बीता और अंजलि की सहेलियां हमारे घर पर आ गई फिर व सब बैठकर बातें करने लगी और मैं उन सबको चाय और कोल्ड ड्रिंक देने लगा और फिर उसके बाद व सब खाना खाने लगी और मैं हर एक चीज का अच्छी तरह से ध्यान रख रहा था कि अंजली को या उसकी किसी भी सहेली को किसी बात की कोई परेशानी ना हो अंजलि की उन सहेलियों में वो सहेली भी आई थी जिसने उस दिन अंजलि से मुझे लहंगा पहनने के लिए कहा था अंजलि की वह सहेली मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी और मुझे उसको देखकर बहुत गुस्सा आ रहा था और मेरा मन कर रहा था कि अंजली की उस सहेली को उठाकर बाहर फेंक दूं

लेकिन मैंने अपने गुस्से पर कंट्रोल किया और चुप रहा

लेकिन वह चुप नहीं रही और उसने अंजली से कहा कि अंजली तूने अपने पति को आज लहंगा क्यों नहीं पहनाया यह सिर्फ लहंगे में ही अच्छे लगते हैं उसकी यह बात सुनकर अंजली हंसने लगी और अंजली की बाकी सहेलियां भी हंसने लगी यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आ गया और मैंने अंजली की उस सहेली से कहा कि तू भी अपने पति को ऐसे ही लहंगा पहना है क्या और शायद अपने बाप को भी तू ऐसे ही लहंगा पहना होगी चुड़ैल कहेगी मेरी यह बात सुनकर अंजलि की सहेली ने अंजली से कहा कि अंजली तुम्हारा पति तो बहुत बदतमीज है मैंने तो बस मजाक में ही उसे लहंगा पहनने के लिए कहा था

लेकिन उसने मेरी इतनी बेइज्जती कर दी है मैं तो अब यहां एक पल भी नहीं रुकूंगा कि छोड़ो जाने दो वह भी मजाक में ही कह रहे हैं अंजलि की यह बात सुनकर व सहेली रुक गई और फिर वह सब खाना खाते हुए बातें करने लगी फिर कुछ देर के बाद पार्टी खत्म हुई और अंजली की सहेलियां अपने घर चली गई उन सबके जाते ही अंजलि मेरे पास आई और मेरे पर एक जोरदार मुक्का मारा मुक्का इतना जोरदार था कि मुझे खुद को गिरने से बचाने के लिए दरवाजे को पकड़ना पड़ा फिर मैंने हिम्मत जुटाई और अंजली से पूछा कि क्या हुआ तुम इतने गुस्से में क्यों हो तभी अंजली ने मेरे चेहरे पर दूसरा मुक्का मारा और इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाता तभी तीसरा और चौथा मुक्का भी मेरे चेहरे पर मार दिया मैं अंजली के इस अचानक हमले से इतना डर गया था कि मेरी बोलती बंद हो गई फिर अंजली ने जोर से चिल्लाते हुए मुझसे कहा कि मैंने तुम्हें समझाया था ना कि मेरी सहेलियों के साथ अच्छा व्यवहार करना

लेकिन तुमने मेरी नाक कटा दी और तुम्हारी वजह से मुझे सबके सामने अपनी सहेली से माफी भी मांगनी पड़ी और गुस्सा तो मुझे उसी समय आ रहा था

लेकिन मैं पार्टी को खराब नहीं करना चाहती थी इसलिए मैंने तुम्हारी बदतमीजी को बर्दाश्त किया था तभी मैंने अंजली से कहा कि तुम्हारी सहली भी तो मेरा मजाक उड़ा रही थी और मुझे बार-बार लहंगा पहनने के लिए कह रही थी तभी अंजलि ने मुझसे कहा कि अगर तुम लहंगा पहन भी लेते तो कोई पहाड़ थोड़े ही ना टूट पड़ता

लेकिन तुमने मेरी सहेली के साथ उसके पापा की भी बेइज्जती की इसलिए आज तो मैं तुम्हें सबक जरूर सिखाऊंगा फेंक कर मारा जो मैंने उस दिन पहना था

लेकिन आज उस लहंगे के साथ में चोली भी थी और फिर अंजली मुझसे उस लहंगे और चोली को पहनने के लिए कहने लगी मैं अंजली से इतना डर रहा था कि मैंने चुपचाप अंजली की बात मान ली और उस लहंगे और चोली को पहनने लगा तभी अंजली ने मुझसे कहा कि पैंट और शर्ट को निकालने के बाद इस लहंगे चोली को पहनो अंजली की यह बात सुनकर मैं बाथरूम में गया और फिर मैंने अपनी पैंट और सर्ट निकाल दी और लहंगा और चोली पहनकर बाथरूम से बाहर आ गया फिर अंजली ने मेरे सिर पर दुपट्टा उठा दिया और भी मुझसे बोली कि चलो अब मुर्गा बन जाओ फिर मैं लहंगा चोली पहने हुए ही मुर्गा बन गया और फिर अंजली ने मेरी कमर पर एक गिलास रख दिया और फिर मुझसे कहने लगी कि अगर यह गिलास गिर गया तो मैं तुम्हें इसी तरह पूरे मोहल्ले में घुमाऊंगा ध्यान से मुर्गे वाली पोजीशन में बैठा हुआ था और अंजली वहीं पर सोफे पर बैठकर टीवी देखने लगी

लेकिन 10 मिनट के बाद ही मेरी हालत खराब हो चुकी थी और फिर अचानक से वो गिलास नीचे गिर गया गिलास के गिरते ही मैं समझ गया कि आज मेरी आफत आने वाली है और मैं भगवान से प्रार्थना करने लगा कि वह मुझे अंजली से बचा ले फिर अंजली एक डंडा उठाकर लाई और फिर मेरे पास आकर सबसे पहले मेरे पीछे से एक लात मारी और मैं फर्श पर गिर गया फिर मैंने जैसे तैसे करके खुद को संभाला तो मैंने देखा कि अंजली हाथ में डंडा लिए हुए मेरी तरफ को बढ़ रही थी मैं अंजली के इस भयानक रूप को देखकर डर के मारे थर थर कांप रहा था और जैसे ही अंजलि ने मुझे मारने के लिए डंडा उठाया तो डर के मारे कपड़ों में ही मेरा पेशाब निकल गया यह देखकर अंजली ने अपना हाथ रोक लिया और फिर मुझसे कहने लगी कि तुमने यह क्या कर दिया अब जाओ जल्दी से नहाकर दूसरे कपड़े बदल लो और फर्श को भी साफ कर देना अंजली की यह बात सुनकर मैंने फर्श को साफ किया और फिर नहाकर और टोबल लपेटकर बाथरूम से बाहर आ गया फिर जब मैं अपने कपड़े पहनने लगा तो तभी ली ने मुझे रोक दिया और मुझसे कहने लगी कि आज से तुम सिर्फ औरतों वाले कपड़े ही पहनो ग जिससे कि तुम्हें यह अकल पैदा हो जाए कि औरतों से कैसे बात करनी चाहिए और औरतों की इज्जत कैसे करनी चाहिए और इतना कहते हुए अंजली ने मुझे अपनी एक बिरा और पेंटी दी पहनने को फिर मैं बिना कुछ कहे ही बाथरूम में गया और बिरा और पेंटी को पहनकर वापस आया बरा और पेंटी को पहनकर मैं शर्म से जमीन में गड़ा जा रहा था

लेकिन मैं कुछ कर नहीं सकता था तभी अंजलि ने मुझे अपना एक लाल रंग का ब्लाउज पहनाया जिसके होक पीछे की तरफ लगे हुए थे और उस ब्लाउज के पीछे का गला भी बहुत गहरा था और उसमें डोरियां भी बंधी हुई थी फिर उसके बाद अंजली ने मुझे लाल रंग का पेटी कोट पहनाया और फिर मुझे लाल रंग की नेट वाली साड़ी पहना दी फिर उसके बाद अंजली ने मेरा मेकअप किया और फिर मेरे हाथों में दोदो दर्जन चूड़ियां पहना दी और फिर मेरे हाथों और पैरों के नाखूनों पर नेल पॉलिश लगा दी और फिर मेरे पैरों में पायल पहना दी फिर उसके बाद अंजली एक सुई लेकर आई और मेरी नाक में एक छेद कर दिया नाक में छेद होते ही मुझे बहुत दर्द हुआ

लेकिन मैंने सब कुछ बर्दाश्त किया क्योंकि अगर मैं कुछ कहता तो अंजली मुझे फिर से मुर्का बना देती और लात और घुसो से मेरी पिटाई करती फिर अंजली ने मेरी नाक में एक नथनी पहनाई और फिर मेरे कानों में भी एक-एक छेद कर दिया और फिर उनमें कपड़ों से मैच करते हुए झुमके पहना दिए फिर कुछ देर तक मेरा चेहरा देखने के बाद अंजलि ने कहा कि अभी कुछ कमी है और इतना कहते हुए अंजली ने मेरे कानों में चारचार छेद और कर दिए और उनमें छोटी-छोटी बालियां पहना दी फिर उसके बाद अंजली ने मेरे सिर पर लंबे बालों की एक बिग लगाई और बीच में से मांग निकालकर मेरे बालों की चोटी बना दी जो मेरी कमर पर लटकने लगी फिर उसके बाद अंजली ने मेरी मांग में से सूर भर दिया और फिर मेरे गले में मंगलसूत्र पहना दिया और फिर मेरे पैरों की उंगलियों में बिछिया भी पहना दी और फिर जब अंजली ने मुझे पूरी तरह से तैयार कर दिया तो मैंने खुद को बड़े से शीशे में देखा और मैं शीशे में खुद को ढूंढने लगा

लेकिन मेरा चेहरा कहीं नजर नहीं आ रहा था बस एक खूबसूरत सी शादीशुदा औरत नजर आ रही थी और फिर मुझे ख्याल आया कि वो औरत कोई और नहीं बल्कि मैं ही हूं और फिर मैं खुद के औरत वाले रूप को देखकर रोने लगा तभी अंजली ने मुझसे कहा कि यह रोने का नाटक मत करो नहीं तो मेकअप खराब हो जाएगा और अब तुम अपने इस रूप की आदत डाल लो तो अच्छा रहेगा क्योंकि अब तुम्हें हमेशा ऐसे ही रहना होगा और आज से तुम्हारा नाम कु सागर नहीं बल्कि अनन्य है अंजलि की यह बात सुनकर मैंने कहा ठीक है और फिर उसके बाद से ही मेरी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई और मुझे औरत बनकर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा वैसे अगर मैं चाहता तो अंजली को छोड़कर जा भी सकता था

लेकिन

लेकिन मैं अंजली को बहुत प्यार करता था फिर इसी तरह से समय बीतने लगा और मैं अंजली की गुलामी करने को मजबूर हो गया अंजली मुझसे अपने जूते चप्पल साफ करवाती थी अपने पैर दबाती थी और मुझसे घर के सारे औरतों वाले काम भी करवाती थी कुल मिलाकर मैं अंजली की पत्नी घर की नौकरानी अंजलि के गुलाम और पता नहीं क्या-क्या था बस मैं अंजलि का पति नहीं था क्योंकि अंजली ने मेरी हालत ऐसी कर दी थी कि मुझे खुद यकीन नहीं होता था कि मैं कभी अंजलि का पति भी हुआ करता था फिर ऐसे ही मुझे अंजलि की गुलामी करने की आदत होती चली गई और मैंने इसे ही अपनी जिंदगी मान लिया था फिर एक दिन शाम को जब अंजली ऑफिस से वापस आई तो वह काफी परेशान नजर आ रही थी और फिर उसने रात को खाना भी नहीं खाया मैंने सोचा कि मैं अंजली से कुछ पूछूं

लेकिन मैंने डर के मारे अंजली से कुछ नहीं पूछा फिर अगले दिन को भी अंजली ने कुछ नहीं खाया और ना ही अंजली ऑफिस गई और इस तरह से पूरा दिन बीत गया और फिर शाम को जब मैं घर में साड़ी ब्लाउज पहने हुए और औरतों वाला श्रृंगार किए हुए चाय बना रहा था तो तभी अंजली मेरे पास आने लगी और जब मैंने अंजली को देखा तो वो काफी थकी हुई सी नजर आ रही थी क्योंकि उसने दो दिन से खाना भी नहीं खाया था तभी अचानक से अंजली को चक्कर आने लगा और अंजली फर्श पर गिरने लगी यह देखकर मैं अपनी साड़ी को थोड़ा ऊपर उठाकर भागा और अंजली को फर्श पर टकराने से बचा लिया

लेकिन अंजलि बेहोश हो चुकी थी और अंजली को बचाते हुए मेरी कोहनी दीवार पर लग गई थी जिसकी वजह से मेरे हाथ में थोड़ा सा खून निकल आया था फिर मैंने अंजली को अपनी गोद में उठाया और उसे बेड पर लिटा दिया और फिर डॉक्टर को फोन करके बुला लिया फिर डॉक्टर ने अंजली को कुछ दवाई दी और मुझसे कहा कि ज्यादा घबराने की कोई बात नहीं है बस कमजोरी की वजह से इनको चक्कर आ गया था था और जल्दी ही इनको होश आ जाएगा और फिर डॉक्टर ने मेरे हाथ पर भी पट्टी बांधी और फिर डॉक्टर साहब चले गए फिर मैं अंजली के हाथ को पकड़कर उसके होश में आने का इंतजार करने लगा और फिर मुझे अचानक से नींद आ गई फिर काफी देर बाद किसी के आवाज लगाने से मेरी आंख खुली वोह आवाज किसी और की नहीं बल्कि अंजलि की ही थी अंजलि को होश में देखकर मुझे बहुत खुशी हुई और मेरी आंखों में खुशी के आंसू आ गए तभी अंजलि मेरे चेहरे को देखने लगी आज अंजली की आंखों में एक अजीब सी चमक थी और उसकी आंखों में मेरे लिए इतना प्यार छलक रहा था कि मैं बया भी नहीं कर सकता उस समय भी अंजलि का हाथ मेरे हाथ में ही था तभी अंजलि ने मुझसे पूछा कि बेहोश तो मैं हुई थी तो फिर तुमने अपने हाथ में पट्टी क्यों बांध रखी है तो मैंने अंजली से कहा कि तुम्हें बचाते हुए मेरा हाथ दीवार से टकरा गया था और खून निकल आया था

लेकिन अब मैं ठीक हूं मेरी यह बात सुनकर अंजली बड़े प्यार से मुझे देखने लगी फिर मैंने अंजली से पूछा कि क्या हुआ तुम इतने परेशान क्यों थी और खाना भी नहीं खाया था तो अंजली ने कहा कि मेरी कंपनी के कुछ लोगों ने घोटाला कर दिया है और उसका इल्जाम मेरे ऊपर आ गया है और अगर एक हफ्ते के अंदर मैंने अपनी बेगुनाही का कोई सबूत नहीं दिया तो मुझे नौकरी से निकाल देंगे और फिर उसके बाद मुझे कहीं पर भी नौकरी नहीं मिलेगी क्योंकि मेरा कैरेक्टर खराब समझा जाएगा और इसलिए मैं बहुत परेशान थी अंजलि की यह बात सुनकर मैंने उससे कहा कि अगर तुम्हें नौकरी से निकाल भी देंगे तो क्या हुआ तुम अकेली थोड़ी ही ना हो मैं हूं ना तुम्हारे साथ मैं तुम्हारे लिए कुछ भी करूंगा और जब तक मैं जिंदा हूं तुम्हें भूखा नहीं मनने दूंगा मेरी यह बात सुनते ही अंजलि की आंखों में आंसू आ गए और फिर वह मुझसे कहने लगी कि मैंने तुम्हें समझने में बहुत बड़ी गलती कर दी दरअसल मैं पैसों के चक्कर में अंधी हो गई थी जो अपने पति के प्यार को पहचान नहीं पाई मुझे पहले ही समझ जाना चाहिए था था कि पति-पत्नी के बीच में नोक जोक तो चलती ही रहती है इसलिए मुझे तुम्हारे साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए था प्लीज मुझे माफ कर दो अंजलि की यह बात सुनकर मैंने उससे कहा कि तुम्हें माफी मांगने की कोई जरूरत नहीं है बस एक बार मुस्कुराकर प्यार भरी नजरों से मुझे देख लो यही मेरे लिए बहुत है मेरी यह बात सुनकर अंजली थोड़ी मुस्कुराई और मेरे सीने से लग गई मैं अपनी पुरानी वाली अंजली को पाकर बहुत खुश था फिर उसके बाद मैं ने अंजलि से कहा कि चलो मिलकर खाना खाते हैं फिर मैंने कुछ खाने को बनाया और उसके बाद हमने मिलकर खाना खाया और फिर हम दोनों एक दूसरे की आंखों में देखते हुए सो गए फिर अगले दिन सुबह को जब मैं साड़ी ब्लाउज पहनकर और अच्छी तरह से मेकअप करके अंजली को चाय देने के लिए उसके पास पहुंचा तो तभी अंजली के फोन की घंटी बजी और उसकी कंपनी के एक आदमी ने बताया कि कंपनी में घोटाला करने वाला पकड़ा गया है और तुम अब जो परा सकती हो यह बात सुनकर अंजलि बहुत खुश हुई और मुझे भी बहुत खुशी हुई फिर अंजली ने मुझसे कहा कि अब तो हम दोनों में सुला हो गई है तो फिर तुम आज भी इस तरह से तैयार क्यों हुए हो तो मैंने अंजली से कहा कि दरअसल अब मुझे यह औरतों के प्यारे-प्यारे कपड़े और मेकअप और यह गहने बहुत अच्छे लगने लगे हैं इसलिए मैं ऐसे ही तैयार हुआ हूं तभी अंजली ने हंसते हुए मुझसे कहा कि इसका मतलब यह है कि जब मैं तुम्हें औरत बना आकर सजा देती थी तो वो तुम्हारे लिए सजा नहीं बल्कि मजा था अंजलि की यह बात सुनकर मैंने हंसते हुए उससे कहा कि हां तुम सही कह रही हो पहले तो मुझे बहुत बुरा लगता था

लेकिन अब अच्छा लगता है मेरी यह बात सुनकर अंजली ने कहा कि ठीक है जैसे तुम चाहे वैसे रह सकते हो मैं आज के बाद तुम्हें कभी परेशान नहीं करूंगी और हम हमेशा ऐसे ही हंसी खुशी साथ में मिलकर रहेंगे और फिर उस दिन से मैं अंजलि की शैली अनन्या बन गया और अब मैं औरत बनकर बहुत खुश हूं दोस्तों पैसों का घमंड हर इंसान की बुद्धि को भ्रष्ट कर देता है चाहे वह कोई मर्द हो या फिर औरत इसलिए पैसों पर कभी घमंड नहीं करना चाहिए

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