समीर अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश कर रहा था
लेकिन उसे कोई अच्छी सी नौकरी नहीं मिल रही थी और उसके मकान का मालिक भी किराए को कहता रहता था फिर एक दिन समीर को पता चला कि य कंपनी में जॉब के लिए इंटरव्यू चल रहे हैं और फिर समीर भी उस इंटरव्यू में शामिल होने के लिए चला गया
लेकिन वहां जाकर समीर को पता चला कि वो इंटरव्यू सिर्फ लड़कियों के लिए था समीर ने रिसेप्शनिस्ट से रिक्वेस्ट की कि वो एक बार कंपनी के आचार से बात करा दे
लेकिन रिसेप्शन पर बैठी लड़की ने कहा कि सॉरी सर मैं ऐसा नहीं कर सकती क्योंकि यह जॉब सिर्फ लड़को के लिए ही है तो ऐसे में आप एचर से बात करके क्या करोगे अगर आप लड़की होते तो आपको यह जॉब मिल सकती थी क्योंकि आपके डॉक्यूमेंट इस जॉब के लिए एकदम परफेक्ट है और अगर आपकी जानकारी में कोई लड़की हो तो उसको इस जॉब के बारे में बता देना क्योंकि अभी यह जॉब का इंटरव्यू पांच दिनों तक चलेगा उस लड़की की यह बात सुनकर समीर वहां से उदास होकर निकल गया और फिर रास्ते में जाते हुए समीर को एक पार्क दिखा और फिर वह वहां पर बैठ गया उस समय शाम के लगभग 4 बज रहे थे तभी पार्क में समीर को एक छोटी सी बच्ची नजर आई जो कि अपनी मां से जिद कर रही थी कि उसको आइसक्रीम चाहिए
लेकिन उस बच्ची की मां बार-बार उससे कह रही थी कि घर चलते हुए आइसक्रीम ले लेंगे अभी यहां पार्क में कहां से आइसक्रीम दिलाऊंगा पहना हुआ था तभी अचानक से वहां पर एक कुत्ता आ गया और व उस छोटी बच्ची के पहने हुए फिरोक को अपने मुंह से पकड़ने लगा और उस बच्ची की मां उस कुत्ते को हटाने लगी
लेकिन व इस काम में नाकामयाब रही और वो बच्ची रोने भी लगी थी तभी समीर जल्दी से भागकर उस बच्ची के पास गया और उस आवारा कुत्ते को भगाने लगा और फिर जल्दी ही समीर ने उस कुत्ते को वहां से भगा दिया
लेकिन वो कुत्ता बहुत ही खतरनाक था इसलिए उस कुत्ते को भगाते हुए समीर एक बार गिर भी गया था फिर कुत्ते के भाग जाने के बाद समीर वापस उसी जगह पर जाकर बैठ गया फिर थोड़ी ही देर में वह बच्ची और उसकी मां समीर के पास पहुंच गए यह देखकर समीर ने उस औरत से पूछा कि मैम आपकी बच्ची को कोई चोट तो नहीं आई ना तभी उस औरत ने मुस्कुराकर समीर से कहा कि कुत्ते को भगाते हुए गिरे तो आप थे इसलिए मुझे ही आपसे पूछना चाहिए कि आप ठीक तो हो ना तो समीर ने कहा कि हां मैं ठीक हूं फिर उस औरत ने समीर से कहा कि मेरा नाम संगीता है और यह मेरी प्यारी बेटी परी है और आपका क्या नाम है तो समीर ने कहा कि मेरा नाम समीर है तभी संगीता ने समीर से पूछा कि आप शायद यहां पहली बार आए हैं क्योंकि मैंने आपको कभी यहां पर देखा नहीं है तो समीर ने कहा कि हां मैं यहां पर पहली बार ही आया हूं वो भी बस इसलिए क्योंकि आज मेरा मूड थोड़ा खराब है तभी संगीता ने समीर से पूछा कि क्या हुआ आपके साथ तो समीर ने कहा कि जाने दीजिए नहीं तो आपको भी बुरा लग सकता है समीर की यह बात सुनकर संगीता ने उससे कहा कि मुझे क्यों बुरा लगेगा भला तुम बताओ तो सही क्या बात है तो समीर ने कहा कि वैसे ज्यादा कुछ नहीं हुआ बस मुझे कोई जॉब नहीं मिल रही है क्योंकि अब लड़कों की बजाय ज्यादातर लड़कियों को जॉब पर रखने लगे हैं और आज भी मुझे इसी वजह से इंटरव्यू से पहले ही निकाल दिया गया क्योंकि वहां पर भी सिर्फ लड़कियों के लिए ही जॉब की वैकेंसी थी और इसलिए कभी-कभी तो मेरा मन करता है कि मैं खुद ही लड़की बन जाऊं समीर की यह बात सुनकर संगीता हंसने लगी और फिर समीर से कहने लगी कि तुम भी ना कितना अच्छा मजाक कर लेते हो तभी समीर ने संगीता से कहा कि मैं मजाक नहीं कर रहा हूं बल्कि मैं सच कह रहा हूं अगर मुझे कोई जादू से लड़की बना दे तो तो सब ठीक हो जाए समीर की यह बात सुनकर संगीता ने कहा कि अगर तुम सोचते हो कि लड़की बनकर तुम्हें वो जोब आसानी से मिल सकती है तो मैं तुम्हें लड़की बना सकती हूं संगीता की यह बात सुनकर समीर ने उससे कहा कि आप कोई जादूगर नहीं हो क्या जो मुझे लड़के से लड़की बना दोगी तो संगीता ने समीर से कहा कि हां मैं एक जादूगरनी ही हूं जो तुमको लड़की बना देगी क्योंकि मैं एक ब्यूटी पार्लर चलाती हूं जो कि एक तरह से जादू से कम नहीं होता संगीता की यह बात सुनकर समीर ने हैरानी के साथ संगीता से पूछा कि क्या सच में ऐसा हो सकता है क्या सच में मैं लड़की बन सकता हूं तो संगीता ने कहा कि हां मैं तुम्हें सच में लड़की बना दूंगी अगर तुम्हें विश्वास ना हो तो तुम खुद ही देख लेना और कल सुबह तुम मुझसे इस पत्ते पर आकर मिलना और इतना कहते हुए उसने समीर को अपना एक कार्ड थमा दिया जिस पर संगीता के ब्यूटी पाल का पता था और उस पर संगीता का कांटेक्ट नंबर भी था तभी समीर ने संगीता से कहा कि मेरे पास तो इतने पैसे ही नहीं है जो मैं आपकी फीस दे सकूं तभी संगीता ने समीर से कहा कि मैंने तुमसे कब फीस मांगी बल्कि मैं तो तुम्हारी मदद इसलिए करना चाहती हूं क्योंकि तुमने मेरी बेटी को उस जंगली कुत्ते से बचाया था और तुम देखने में भी बहुत शरीफ और अच्छे इंसान लगते हो संगीता की यह बात सुनकर समीर ने कहा ठीक है मैं कल सुबह आपके पास आ जाऊंगा समीर की यह बात सुनकर संगीता ने समीर को बाय कहा और फिर वह अपनी बेटी को साथ में लेकर वहां से चली गई संगीता और उसकी बेटी के जाने के बाद समीर भी अपने रूम पर चला गया फिर अगले दिन समीर नहा ध होकर और पैट और शर्ट पहनकर संगीता के ब्यूटी पार्लर के लिए निकल गया वैसे तो समीर को लग ही रहा था कि वो लड़के से लड़की कभी नहीं बन सकता
लेकिन फिर भी वह बस यह देखना चाहता था कि क्या सच में ब्यूटी पार्लर वाले जादूगर होते हैं या फिर संगीता ने उसके साथ सिर्फ मजाक किया था और फिर यही सोचते हुए समीर कुछ ही देर में संगीता के ब्यूटी पार्लर पर पहुंच गया ब्यूटी पार्लर का दरवाजा तो खुला था
लेकिन दरवाजे की जगह पर एक पर्दा टंगा हुआ था जिससे कि अंदर का कुछ भी नजर नहीं आ रहा था फिर समीर उस ब्यूटी पार्लर के सामने ही खड़ा हो गया क्योंकि वह कभी भी ब्यूटी पार्लर के अंदर नहीं गया था और उसे डर भी लग रहा था कि अगर ब्यूटी पार्लर के अंदर संगीत नहीं हुई तो वह जरूर किसी परेशानी में फंस सकता है फिर कुछ देर के बाद दो लड़कियां ब्यूटी पार्लर के अंदर से बाहर निकली उन दोनों लड़कियों ने उस समय लहंगा चोली पहना हुआ था और बहुत सुंदर मेकअप किया हुआ था और वह दोनों लड़कियां बहुत खूबसूरत लग रही थी उनको देखकर समीर सोचने लगा कि शायद यह दोनों लड़कियां किसी पार्टी में जाने के लिए तैयार हुई है और जब वोह दोनों लड़कियां समीर के पास से गुजरते हुए निकल गई तो समीर पीछे मुड़कर उनको देखने लगा फिर जब समीर ने वापस ब्यूटी पार्लर की तरफ को अपना मुंह किया तो उसने देखा कि सामने संगीता खड़ी थी संगीता ने उस समय एक हरे रंग की साड़ी पहनी हुई थी और उसने बहुत सुंदर मेकअप भी किया हुआ था और उसने अपने सिर के बालों का एक जुड़ा बनाया हुआ था संगीता को देखकर ऐसा बिल्कुल भी नहीं लग रहा था कि वो एक चा साल की बेटी की मां है फिर संगीता ने समीर से कहा कि समीर कैसे हो तुम और यहां क्यों खड़े हो चलो आओ मेरे साथ अंदर चलो फिर संगीता के कहने पर समीर उसके पीछे पीछे ब्यूटी पार्लर के अंदर चला गया वहां पर संगीता के अलावा दो लड़कियां और भी थी जो शायद उस ब्यूटी पार्लर में काम करती थी समीर को उन दोनों लड़कियों के सामने और भी ज्यादा शर्म आ रही थी फिर संगीता ने समीर से कहा कि क्या तुम तैयार हो जादू देखने के लिए तो समीर ने कहा कि हां मैं तैयार हूं फिर संगीता ने उन दोनों लड़कियों से कहा कि लड़कियों जल्दी से समीर जी को लड़की बनाने की तैयारी शुरू कर दो इतना सुनते ही उन दोनों लड़कियों के चेहरे पर मुस्कान आ गई और उनको देखकर समीर को शर्म आने लगी फिर उन दोनों लड़कियों ने मिलकर समीर की वैक्सिंग कर दी और फिर समीर को सलवार कुर्ती पहनाकर तैयार कर दिया सलवार कुर्ती समीर को एकदम फिट आ रही थी शायद वह संगीता के ही कपड़े थे क्योंकि देखने में संगीता का बॉडी साइज लगभग समीर के जैसा ही लग रहा था फिर उसके बाद उन दोनों लड़कियों ने समीर को कुर्सी पर बिठा दिया और फिर संगीता ने समीर की आईब्रो को लड़कियों की आईब्रो की तरह पतला कर दिया फिर उसके बाद संगीता ने समीर के चेहरे पर मेकअप करना शुरू कर दिया सबसे पहले संगीता ने समीर के चेहरे पर प्राइमर लगाया और फिर उसके कुछ देर के बाद समीर के चेहरे पर फाउंडेशन लगाया और फिर आंखों में काजल और आईलाइनर लगाया और समीर की आंखों की पलकों के ऊपर आईशैडो लगाया और फिर समीर के होठों पर लिपस्टिक लगा दी फिर उसके बाद समीर के कानों में क्लिप वाले झुमके और नाक में एक क्लिप वाली नोज रिंग पहना दी और फिर समीर के माथे पर एक बहुत छोटी सी गोल बिंदी लगा दी फिर समीर के गले में एक बहुत पतली सी चैन पहना दी और तब तक उन दोनों लड़कियों नेर के हाथों में बारे बारे चूड़ियां पहना दी थी और समीर के हाथों और पैरों के नाखूनों पर नेल पॉलिश भी लगा दी थी फिर उसके बाद संगीता ने समीर के सिर पर एक लंबे बालों की बिग लगाकर उसको एक जोड़े की तरह स्टाइल कर दिया और फिर समीर के सिर पर दुपट्टा उड़ा दिया और फिर समीर के पैरों में पायल पहनाई और समीर के पैरों में लेडी सैंडल भी पहना दी और फिर जब समीर ने खुद को शीशे में देखा तो वह हैरान ही रह गया क्योंकि समीर सच में एक बहुत ही खूबसूरत लड़की लग रहा था और कोई भी समीर को देखकर यह नहीं कह सकता था कि वह लड़की नहीं बल्कि कोई लड़का है फिर संगीता ने समीर से कहा कि अब बताओ सोनम कैसा लगा मेरा जादू अपने लिए सोनम नाम सुनकर समीर शर्मा गया और फिर समीर ने संगीता से कहा कि आप तो सच में जादूगर नहीं हो आपने तो मुझे पूरी तरह से लड़की बना दिया है अब तो मैं भी खुद भी अपने आप को नहीं पहचान पा रहा हूं तभी संगीता ने समीर से कहा कि अब तुम चाहो तो ऐसे ही अपनी जॉब कर सकते हो
लेकिन उसके लिए तुम्हें यह ध्यान में रखना होगा कि तुम्हारी चाल ढाल और बात करने का तरीका भी थोड़ा बहुत लड़कों जैसा होना चाहिए नहीं तो लोगों को तुम पर सक हो सकता है संगीता की यह बात सुनकर समीर ने उससे कहा कि हां अब मैं अपना बदला लूंगा और उसी कंपनी में जॉब करूंगा जिसमें से मुझे य कहकर निकाला गया था कि उस कंपनी में सिर्फ लड़कियां ही काम करती हैं समीर की यह बात सुनकर संगीता और वो दोनों लड़कियां भी मुस्कुरा रही थी फिर संगीता ने उन दोनों लड़कियों से कहा कि समीर को लड़कियों की तरह चलने फिरने की और लड़कियों की तरह बोलने की कुछ प्रैक्टिस करवा दो फिर उन दोनों लड़कियों ने बहुत देर तक समीर को लड़कियों वाली सारी बातें सिखाई और फिर समीर ने संगीता से कहा कि अब मैं यह कपड़े निकालना चाहता हूं क्योंकि मैं इस तरह से लड़की के कपड़े पहनकर अपने रूम पर नहीं जा सकता तभी संगीता ने समीर से कहा कि अगर तुम्हें लड़की बनकर जॉब करनी है तो फिर तुम्हें लड़की बनकर ही पब्लिक में भी जाना होगा और अपने रूम पर भी लड़की बनकर ही रहना होगा तभी समी ने संगीता से कहा कि आप सही कह रही हैं
लेकिन पहले मेरी जॉब लग जाए फिर उसके बाद मैं अपना कमरा बदल लूंगा और फिर लड़की बनकर ही कोई दूसरा कमरा ले लूंगा समीर की यह बात सुनकर संगीता ने कहा कि ठीक है जैसा तुम्हें ठीक लगे वह करो और जब भी मेरी मदद की कोई जरूरत पड़े तो मेरे पास आ जाना मैं तुम्हारी मदद जरूर करूंगी तो समीर ने कहा कि ठीक है और फिर उसके बाद समीर ने अपने लड़कियों वाले कपड़े निकाल दिए और अपना मेकअप भी साफ कर दिया फिर उसके बाद समीर संगीता के ब्यूटी पार्लर से वापस अपने रूम पर पहुंच गया फिर अपने रूम पर पहुंचकर समीर काफी देर तक यह सोचता रहा कि उसे जो पाने के लिए क्या-क्या चीज की जरूरत पड़ेगी और वह उसे कैसे करेगा और फिर यह सब सोचते हुए समीर ने अपने डॉक्यूमेंट उठाए और उनकी नकल करवाकर उनमें अपना नाम समीर से बदलकर सोनम करवा लिया और अपना जेंडर मेल से बदलकर फीमेल करवा लिया वैसे मैं आपको बता दूं कि नकली डॉक्यूमेंट बनवाना और नकली डॉक्यूमेंट बनाना दोनों ही गैर कानूनी है इसलिए किसी को भी ऐसा नहीं करना चाहिए वैसे समीर को भी इस बात का पता था
लेकिन वो उस कंपनी से बदला लेना चाहता था जिसने उसे लड़का कहकर जो परखने के लिए मना कर दिया था और इसलिए उसने ऐसा किया था फिर उसके बाद समीर अपने रूम पर पहुंच गया और फिर अगले दिन समीर फिर से संगीता के ब्यूटी पार्लर पर पहुंच गया समीर को देखकर संगीता ने उसको एक सहेली की तरह अपने गले से लगाया और उससे पूछने लगी कि कैसी हो सोनम तो समीर ने कहा कि हूं समीर के मुंह से यह बात सुनकर संगीता के साथ में काम करने वाली लड़कियां हंसने लगी तभी संगीता ने उन लड़कियों से कहा कि हंसना बंद करो और सोनम को जल्दी से तैयार करवाओ फिर जल्दी ही संगीता और उन दोनों लड़कियों ने समीर को फिर से एक नया सलवार सूट पहनाकर और मेकअप करके तैयार कर दिया फिर उसके बाद संगीता ने और उन दोनों लड़कियों ने समीर को बेस्ट ऑफ लक कहा और फिर समीर वहां से लड़की बनकर निकल गया और सीधे ही उस कंपनी में पहुंच गया जहां पर लड़कियों के इंटरव्यू चल रहे थे वहां पर पहुंचकर समीर को बहुत घबराहट हो रही थी क्योंकि वह पहली बार लड़कियों के कपड़े पहनकर पब्लिक में गया था उस समय समीर के अलावा और भी लड़कियां वहां पर जॉब के लिए आई थी फिर धीरे-धीरे लड़कियों का इंटरव्यू शुरू हुआ और जब समीर का नंबर आया तो समीर घबराते हुए अंदर केबिन में गया और उसने अपना इंटरव्यू दिया और फिर समीर से बात करने ने के बाद और उसके डॉक्यूमेंट देखने के बाद उसको जॉब दे दी गई जोब पाकर समीर बहुत खुश हुआ और फिर उसके बाद समीर संगीता के ब्यूटी पार्लर पर पहुंच गया और रास्ते में जाते हुए उसने मिठाई भी खरीद ली थी फिर समीर ने संगीता और उन दोनों लड़कियों को बताया कि उसको जॉब मिल गई है और वह भी बहुत अच्छी सैलरी के साथ समीर की यह बात सुनकर वो तीनों बहुत खुश हुई और फिर उसके बाद समीर ने उन सबको मिठाई खिलाई और उनको थ भी बोला फिर उसके बाद समीर ने अपने कपड़े बदले और फिर अपने मकान मालिक से बात करके वह कमरा खाली कर दिया और फिर संगीता की मदद से समीर ने एक दूसरा कमरा किराए पर ले लिया और वह कमरा उसने लड़की बनकर लिया था क्योंकि उसको लड़की बनकर ही जॉब करनी थी फिर संगीता ने समीर को अपने कुछ कपड़े भी पहनने के लिए दे दिए थे क्योंकि समीर के पास ज्यादा पैसे नहीं थे कि वह अपने लिए लड़कियों वाले महंगे से और सुंदर से कपड़े खरीद पाता और समीर को सैलरी मिलने में भी अभी बहुत समय लगता फिर उसके बाद समीर लड़की बनकर जॉब करने लगा और किसी को भी इस बात का पता नहीं चला कि समीर एक लड़की नहीं बल्कि लड़का है फिर ऐसे ही काम करते हुए समीर को छ महीने बीत गए और समीर अब लड़कियों के कपड़े अच्छी तरह से पहनना सीख चुका था और समीर को बहुत अच्छा मेकअप करना भी आ चुका था और समीर को लड़की बनकर रहने की आदत भी हो चुकी थी और इन छह महीनों में समीर को अपनी ही कंपनी में काम करने वाली एक शीतल नाम की लड़की से प्यार भी हो गया था और शीतल भी समीर को एक सहेली की तरह प्यार करती थी शीतल कभी-कभी समीर के रूम पर भी आ जाती थी और ऐसे ही एक दिन शीतल ने ध्यान दिया कि समीर के कान और नाक में छेद नहीं है और जब शीतल ने समीर से इस बारे में पूछा तो समीर पहले तो घबरा गया कि कहीं शीतल को उसकी सच्चाई ना पता चल जाए
लेकिन फिर समीर ने बहाना बनाते हुए शीतल से कहा कि मुझे नाक और कान छिदवाने में डर लगता है तभी शीतल ने समीर से कहा कि इसमें डरने की क्या बात है हम लड़कियों को तो यह सब सहना ही पड़ता है तो समीर ने कहा कि मुझे डर लगता है मैं अपने नाक और कान नहीं छेदवा उंगीयर्ड होंगे शीतल की यह बात सुनकर समीर सोच में पड़ गया कि वो अब क्या करें फिर थोड़ी देर के बाद शीतल अपने घर चली गई और अगले दिन समीर के ऑफिस की छुट्टी थी इसलिए वह जल्दी से नाहा धोकर और एक सुंदर सी सलवार कुर्ती पहनकर और मेकअप करके तैयार हो गया और संगीता के ब्यूटी पार्लर पर चला गया और संगीता से कहने लगा कि मुझे अपने नाक और कांच दबाने हैं समीर की यह बात सुनते ही संगीता ने हैरानी के साथ पूछा कि सोनम आखिर तुम अपने नाक और कान को छिदवाना चाहती हो जबकि तुम्हें पता है कि एक बार अपने नाक और कान छिदवाने के बाद तुम्हें वापस लड़का बनकर रहने में बहुत परेशानी आएगी तभी समी ने संगीता से कहा कि मेरी गर्लफ्रेंड ने मुझे अपनी कसम देकर कहा है कि मैं अपने नाक और कान छि दबा लूं समीर की यह बात सुनकर संगीता ने समीर से कहा कि क्या सच में तुम्हारी गर्लफ्रेंड ने तुमसे ऐसा करने को कहा है तो समीर ने कहा कि हां मैं उससे बहुत प्यार करती हूं
लेकिन वो मुझे प्यार करती है या नहीं यह मुझे नहीं पता समीर की यह बात सुनकर संगीता ने कहा कि ठीक है जैसी तुम्हारी मर्जी और इतना कहकर संगीता ने समीर के दोनों कानों में छेद कर दिए और उनमें बड़े-बड़े झुमके पहना दिए और फिर समीर की नाक में भी एक छेद कर दिया और उसमें एक छोटी सी नथनी पहना दी नाक और कान छिदवाने से समीर को बहुत दर्द हो रहा था
लेकिन शीतल की वजह से उसने सब कुछ बर्दाश्त किया फिर उसके बाद वह वापस अपने रूम पर पहुंच गया फिर उसने सोचा कि वह शीतल को अपने पास बुलाएगा और उसे सरप्राइज देगा और यह सोचकर उसने शीतल को कॉल किया
लेकिन शीतल का नंबर नहीं लग रहा था फिर इसी तरह शाम हो गई और समीर बार-बार शीतल को कॉल करके थक गया था
लेकिन शीतल का नंबर नहीं लग रहा था फिर शाम के समय शीतल समीर से मिलने उसके घर पहुंच गई शीतल को देखकर समीर खुश हो गया फिर समीर ने शीतल से कहा कि देखो मैंने नाक और कान छिदवाने यहां बुलाकर बताने वाली थी
लेकिन तुमने सुबह से अपना फोन ही बंद करके रखा था तभी शीतल ने समीर से कहा कि छोड़ो इस बात को अब तो मैं आ गई हूं ना और देखो मैं तुम्हारे लिए सरप्राइज लेकर आई हूं तभी समीर ने हैरानी के साथ शीतल से पूछा कि क्या सरप्राइज है तो शीतल ने समीर से कहा कि देखो सोनम तुम मेरी सबसे प्यारी सहेली हो इसलिए मैं सबसे पहले यह तुम्हें ही दे रही हूं और इतना कहकर शीतल ने समीर के हाथ में एक लिफाफा जैसा कुछ रख दिया और जब समीर ने उसे खोला तो उसने देखा कि वह शीतल की शादी का कार्ड था जो कि एक रोहित नाम के लड़के से होने वाली थी उस कार्ड को देखते ही समीर को चक्कर से आने लगे तभी शीतल ने समीर को कुर्सी पर बिठाया और उसे पीने को पानी दिया और फिर शीतल ने समीर से पूछा कि क्या हुआ तुम कुछ परेशान लग रही हो क्या तुम मेरी शादी के बारे में सुनकर खुश नहीं हो शीतल की यह बात सुनकर समीर की आंखों में आंसू आ गए और वो शीतल से कहने लगा कि हां मैं बहुत खुश हूं तभी शीतल ने समीर से कहा कि अगर तुम खुश हो तो फिर रो क्यों रही हो मेरी जान और इतना कहकर शीतल ने समीर का हाथ पकड़ लिया यह देखकर समीर और भी जोर-जोर से रोने लगा तभी शीतल ने समीर से कहा किशोरी बेबी यह शादी का कार्ड तो नकली है वो तो बस मैं तुमसे मजाक कर रही थी क्योंकि मुझे पता है कि लड़के अपने प्यार की बात को अपने दिल में ही छुपा कर रखते हैं और कभी किसी से अपने दिल की बात कह नहीं पाते शीतल की यह बात सुनकर समी ने उससे पूछा कि तुम्हें कैसे पता चला कि मैं लड़का हूं तो शीतल ने कहा कि वो तो मुझे तब से ही पता है जब से तुम पहली बार ब्यूटी पार्लर पर लड़की बने थे क्योंकि जिसने तुमको लड़की बनाया था वो मेरी बड़ी बहन संगीता है और उन्होंने ही मुझे तुम्हारे बारे में सब कुछ बता दिया था और चूंकि हमारा कोई भाई नहीं था इसलिए हम दोनों बहनों में से ही एक को मम्मी पापा की सेवा करनी थी इसलिए जब मुझे संगीता दीदी ने तुम्हारे बारे में बताया था तो मैंने सोच लिया था कि मैं तुम्हें अपने घर की बहू बनाऊंगी और इसलिए मैंने तुम्हारे जोब पर लगने के तुरंत बाद ही तुम्हारी ही कंपनी में जॉब करनी शुरू कर दी थी ताकि मैं तुम्हें और अच्छे से जान सक और तुम्हें अपनी दुल्हन बनाकर अपने घर ले जा सकूं और जब तुमने मेरे कहने से संगीता दीदी के पास जाकर अपने नाक और कान छेदवा लिए थे तो मैं समझ गई थी कि तुम भी मुझसे बहुत प्यार करती हो शीतल की यह बात सुनकर समी ने कहा कि मैं तुमसे प्यार नहीं करती तुम बहुत बुरी हो तुमने मुझे बेवकूफ बनाया है और मुझे तुमसे शादी भी नहीं करनी है समीर की यह बात सुनकर शीतल हंसने लगी और फिर हंसते हुए शीतल ने समीर से कहा कि चल अब रो मत मेरी जान और आ मेरे गले लग जा और इतना कहकर शीतल ने समीर को अपनी बांहों में भर लिया और फिर समीर भी शीतल की बांहों में जाकर खुश हो गया और फिर जल्दी ही शीतल और समीर की शादी हो गई और शादी के बाद समीर हमेशा के लिए औरत बनकर रहने लगा और एक बहू की तरह शीतल के मम्मी पापा की सेवा करने लगा और अब समीर को औरतों की तरह रहने की आदत हो चुकी है और अब वोह बहुत खुश है


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