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लड़के को लड़कियों के कपड़े पहनते हुए गर्लफ्रेंड ने पकड़ा || Ladke ko ladkiyon ke kapde pahnte huye girlfriend ne pakda



मेरा नाम शिवम है बचपन में मुझे मेरे कपड़ों से ज्यादा मेरी बड़ी बहन नेहा के कपड़े अच्छे लगते थे क्योंकि मेरे कपड़े बहुत ही मैले से रंग के होते थे और ज्यादा डिजाइन के भी नहीं होते थे

लेकिन मेरी बहन के कपड़े बहुत सुंदर-सुंदर और रंग बिरंगे होते थे और उन कपड़ों को छूने में भी बहुत अच्छा महसूस होता था और फिर एक दिन मैंने जब अपनी बहन के कपड़ों को पहनकर देखा तो मुझे बहुत अच्छा लगा और मुझे बहुत खुशी मिली और फिर उस दिन से ही मैंने अपनी बड़ी बहन नेहा के कपड़ों को छुप-छुप कर पहनना शुरू कर दिया था मुझे अपनी बड़ी बहन का एक गुलाबी रंग का फ्रॉक बहुत अच्छा लगता था जिस पर फूलों का डिजाइन बना हुआ था और जब भी मैं अकेला होता था तो मैं ज्यादातर अपनी बहन के उस गुलाबी रंग के फिरोक को पहनता था और शीशे के सामने खड़ा होकर गोल-गोल घूमकर देखता था मुझे सच में अपनी बहन के कपड़ों को पहनकर बहुत खुशी मिलती थी फिर जैसे-जैसे मैं बड़ा होता गया वैसे ही धीरे धीरे मेरी लड़कियों के कपड़े पहनने की इच्छा भी बढ़ती चली गई और फिर मैंने अपनी बहन की स्कूल की ड्रेस स्कर्ट टॉप सलवार कुर्ती और यहां तक कि ब्रा और पैंटी भी पहनना शुरू कर दिया था

लेकिन यह सब मैं छुप छुप कर पहनता था और जितना ज्यादा मैं अपनी बहन के कपड़े पहनता था उतना ज्यादा ही मेरे अंदर लड़कियों के कपड़े पहनने की इच्छा बढ़ती जाती थी मेरी बड़ी बहन के पास बहुत सारे कपड़े हो चुके थे और वह पुराने कपड़ों को पहनती नहीं थी इसलिए एक दिन मां ने मेरी बहन के पुराने कपड़ों को एक बोरी में भरकर स्टोर रूम में रख दिया था और यह बात मुझे पता चल गई थी और फिर मैंने रात में अपनी बहन के उन कपड़ों को चोरीचोरी पहनना शुरू कर दिया था और पहनने के बाद वापस उसी जगह पर रख दिया करता था उस समय मेरी उम्र लगभग 15 साल हो चुकी थी और मेरी बहन के पुराने कपड़ों की बोरी मुझे बहुत खुशी देती थी और मुझे ऐसा लगता था जैसे कि वह कपड़े अब मेरे ही हैं फिर ऐसे ही समय बीतता रहा और मैं और बड़ा हो गया फिर जब मेरी उम्र लगभग 20 साल हो चुकी थी तो मैं कॉलेज में पढ़ाई करने के लिए दूसरे शहर में चला गया था और मैंने वहीं पर एक किराए का कमरा ले लिया था मैं दिन में कॉलेज जाता था और रात को अपने रूम में लड़कियों के कपड़े पहनता था और लड़कियों की तरह ही रहता था मेरे पास उस समय ज्यादा पैसे नहीं थे इसलिए मैं अपनी पॉकेट मनी से पैसे बचा बचाकर वो लड़कियों वाले कपड़े और सामान खरीदता था फिर ऐसे ही धीरे-धीरे समय बीता और मेरी पढ़ाई पूरी हो गई और फिर मुझे एक अच्छी सी कंपनी में जॉब मिल गई अब मेरे पास पैसों की कोई कमी नहीं रहती थी और मैं जो चाहे वो खरीद लेता था वैसे मैं आपको बता दूं कि कॉलेज के टाइम से ही मेरी एक लड़की के साथ दोस्ती हो गई थी उसका नाम सोनिया था सोनिया बहुत ही खूबसूरत थी और वो कभी-कभी मेरे रूम पर भी आ जाया करती थी और इस तरह से हम दोनों में प्यार हो गया था

लेकिन सोनिया को कभी भी मेरे लड़कियों के कपड़े पहनने के बारे में पता नहीं चला था क्योंकि मैं बहुत सावधानी बरता था और मैं हमेशा ही अपने सारे लड़कियों वाले कपड़े और बाकी लड़कियों वाला सामान एक छोटे से संदूक में बंद करके रखता था और उसमें ताला लगाकर रखता था मैं लड़कियों के कपड़े पहनने के साथ-साथ लड़कियों जैसे हाव भाव भी सीखता था जैसे कि लड़कियां कैसे चलती हैं कैसे बैठती हैं और कैसे बात करती है मैंने youtube2 सी पटियाला सलवार और कुर्ती पहन ली थी और अच्छी तरह से मेकअप करके तैयार हो गया था और फिर मैंने खाना बनाया और खाना खाकर मैं सो गया उस रात मुझे काफी अच्छी नींद आई थी और इसलिए मैं देर तक सोता रहा और मेरी आंख तब खुली जब मेरे फोन की घंटी बजी फिर मैंने फोन उठाया तो वो सोनिया की कॉल थी उस समय सुबह के 9 बज रहे थे इसका मतलब यह था कि मैं ऑफिस भी नहीं जा सकता था फिर मैंने सोनिया से पूछा कि बताओ कैसी हो और कहां पर हो तो सोनिया ने कहा कि मैं तुम्हारे घर के बाहर हूं जल्दी से दरवाजा खोलो सोनिया के इतना कहते ही मैं घबरा गया और फिर मैंने जल्दी से अपने पहने हुए कपड़े निकाले और फिर जल्दी से अपना मेकअप साफ किया और अपने सारे लड़कियों वाले कपड़े और लड़कियों वाले सामान को संदूक में रखकर उसमें ताला लगा दिया फिर मैंने एक बार शीशे में देखा कि कहीं कुछ मेकअप का निशान तो नहीं रह गया है मेरे चेहरे पर क्योंकि मैं सोनिया के हाथों पकड़ा नहीं जाना चाहता था फिर मैंने जल्दी से दौड़कर दरवाजा खोल दिया और तभी सोनिया एकदम से अंदर आ गई उस समय सोनिया भीगी हुई थी क्योंकि बाहर बारिश हो रही थी फिर सोनिया ने मुझसे कहा कि तुम इतनी देर से क्या कर रहे थे जो दरवाजा खोलने में इतनी देर लगा दी तो मैंने सोनिया से कहा कि वो दरअसल मैं अभी सोकर उठा था इसलिए थोड़ी देर हो गई तभी सोनिया ने मुझसे कहा कि चलो छोड़ो और जल्दी से एक टोबल लेकर आओ मुझे अपने सिर का पानी पहुंचना है सोनिया की यह बात सुनकर मैंने जल्दी से सोनिया को अपना टोबल दिया और फिर सोनिया अपने सिर से पानी पहुंचने लगी सोनिया ने उस समय पटियाला सलवार और कुर्ती पहनी हुई थी जो कि पूरी तरह से भीग चुकी थी और तभी मैंने सोनिया से कहा कि तुम अपने कपड़े बदल लो तो सोनिया ने कहा कि मेरे पास यहां दूसरे कपड़े नहीं है तभी मैंने सोनिया से कहा कि तुम मेरे कपड़े पहन लो और अपने गीले कपड़े निकाल दो नहीं तो तुम बीमार हो सकती हो मेरी यह बात सुनकर सोनिया ने मुझसे कहा कि ठीक है अपने कोई कपड़े लाकर दे दो मुझे सोनिया की यह बात सुनते ही मैंने अंदर कमरे में से अपने कपड़े लाकर सोनिया को दे दिए उसमें एक नीले रंग की जींस और एक काले रंग की टीशर्ट थी फिर उसके बाद सोनिया बाथरूम में चली गई फिर थोड़ी ही देर में सोनिया उस जींस और टीशर्ट को पहनकर बाथरूम से बाहर आ गई मेरे कपड़े सोनिया को एकदम फिट आ रहे थे

लेकिन जब मैंने सोनिया का चेहरा देखा तो सोनिया बहुत गुस्से में लग रही थी सोनिया को इतना गुस्से में देखकर मैं डर गया और फिर सोनिया से पूछने लगा कि क्या हुआ सोनिया तभी सोनिया ने अपना एक हाथ आगे किया और मुझे एक बिरा दिखाते हुए मुझसे पूछने लगी कि यह क्या है तो मैंने सोनिया से कहा कि यह तो तुम्हारी बिरा है इसको पानी से भरी बाल्टी में डाल दो बाद में धुल जाएगी तभी सोनिया ने गुस्से में मुझसे कहा यह बिरा पहले से ही बाल्टी में पड़ी थी और यह बिरा मेरी नहीं है सोनिया की य बात सुनते ही एकदम से घबरा गया और मेरा पूरा शरीर डर के मारे कांपने लगा और मुझे याद आया कि व बिरा मेरी ही थी जिसको मैंने धोने के लिए पानी से भरी बाल्टी में डाल दिया था तभी सोनिया ने मुझसे कहा कि शिवम मुझे नहीं पता था कि तुम इतने बड़े धोखेबाज हो और मैं तो सोचती थी कि तुम सिर्फ मुझसे ही प्यार करते हो

लेकिन तुम्हारी तो मेरे अलावा और कोई भी गर्लफ्रेंड है और अच्छा ही हुआ कि आज मुझे तुम्हारी सच्चाई का पता चल गया नहीं तो मेरी जिंदगी तो बर्बाद ही हो जाती और अब पकड़ो यह बरा और मैं यहां से जा रही हूं और इतना कहकर सोनिया ने वो बिरा मेरे मुंह पर फेंक कर मारी और फिर जा लगी

लेकिन तभी मैंने सोनिया का हाथ पकड़ लिया और उसे रोकने लगा यह देखकर सोनिया को और भी गुस्सा आ गया और फिर उसने गुस्से में मेरे मुंह पर एक जोरदार थप्पड़ मार दिया और मुझसे कहने लगी कि कितने बेशर्म हो तुम जो इतना गलत करने के बाद भी मेरा हाथ पकड़ रहे हो सोनिया का हाथ मेरे गाल पर बहुत जोर से लगा था इसलिए मुझे काफी दर्द हो रहा था

लेकिन मुझे यह भी पता था कि सोनिया ने यह सब गुस्से में में किया था फिर मैंने सोनिया से कहा कि सोनिया जैसा तुम समझ रही हो वैसा बिल्कुल भी नहीं है मेरी तुम्हारे अलावा कोई और गर्लफ्रेंड नहीं है तभी सोनिया ने गुस्से में मुझसे कहा कि अगर तुम्हारी मेरे अलावा कोई और गर्लफ्रेंड नहीं है तो फिर यह बिरा क्या तुम्हारी मां की है या फिर तुम इस बिरा को पहनते हो सोनिया की बात सुनकर मैं बुरी तरह से फस चुका था और फिर मैंने फैसला किया कि मैं सोनिया को अपने में सब कुछ बता दूंगा तभी सोनिया ने फिर से मुझसे कहा कि बोलो आप जवाब क्यों नहीं देते और इतना कहते हुए सोनिया वहीं पर एक कुर्सी पर बैठ गई और रोने लगी सोनिया को इस तरह से रोते हुए देखकर मुझे बहुत दुख हो रहा था फिर मैंने सोनिया से कहा कि सोनिया तुम सही कह रही हो वह बरा मेरी ही है और मैं उस बिरा को पहनता हूं मेरी यह बात सुनकर सोनिया ने मुझसे कहा कि शिवम कम से कम झूट तो सही से बोलना सीख लो अपनी गलती छुपाने के लिए तुम यह क्या बात कर रहे हो तभी मैंने सोनिया से कहा कि मैं झूठ नहीं बोल रहा हूं बल्कि सच यही है कि वो बिरा मेरी ही है और मैं ही उस बिरा को पहनता हूं और सिर्फ बिरा ही नहीं मैं लड़कियों के सभी तरह के कपड़े पहनता हूं और मेकअप भी करता हूं और यह सब मुझे बहुत अच्छा लगता है मेरे इतना कहते ही सोनिया ने रोना बंद कर दिया और हैरानी के साथ मुझे देखने लगी सोनिया को देखकर मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे वह मेरी बात को सच मान चुकी थी और मेरी बात को समझने की कोशिश कर रही थी

लेकिन मेरी बात इतनी आसान नहीं थी जो सोनिया इतनी आसानी से समझ जाती मैं अपनी बात कहने के बाद चुप ही रहा और सोनिया के बोलने का इंतजार करने लगा उस समय हमारे आसपास इतना सन्नाटा छाया हुआ था कि एक सुई के गिनने की आवाज भी बहुत साफ सुनाई दे सकती थी फिर कुछ देर बाद सोनिया ने मुझसे पूछा कि क्या तुम सच कह रहे हो तो मैंने हां में सिर हिला दिया फिर सोनिया ने मुझसे पूछा कि तुम यह काम कब से कर रहे हो तो मैंने कहा कि बचपन से ही फिर सोनिया ने कुछ देर रुककर और एक गहरी सांस लेते हुए मुझसे पूछा कि क्या तुम्हें लड़के पसंद हैं तभी मैंने सोनिया से कहा कि मुझे सिर्फ लड़कियों के सुंदर सुंदर कपड़े पहनना और मेकअप करना अच्छा लगता है मुझे लड़के पसंद नहीं है और मैं तुम्हें यह सब बताने की सोच भी रहा था

लेकिन मेरी हिम्मत ही नहीं हुई थी क्योंकि मुझे डर लग रहा था कि कहीं तुम मुझे छोड़कर ना चली जाओ और इतना कहते हुए मेरी आंखों में आंसू आ गए मेरे आंसू देखकर सोनिया ने मुझसे पूछा कि क्या तुम्हारे पास लड़की के कपड़े पहने हुए कोई फोटो है उस समय सोनिया की आवाज में बहुत नरमी थी और अब वो गुस्से में भी नहीं लग रही थी

लेकिन सोनिया की फोटो वाली बात से मैं बहुत डर रहा था क्योंकि मैं जानता था कि अगर मैंने सोनिया को अपनी लड़की वाली फोटो दिखा दी तो सब कुछ बदल जाएगा और फिर सब कुछ खत्म हो जाएगा फिर यही सोचते हुए मैंने धीरे से सोनिया से पूछा कि क्या सच में तुम मेरी लड़की वाली फोटो को देखना चाहती हो तो सोनिया ने कहा कि हां मुझे तुम्हारी लड़की वाली फोटो देखनी है सोनिया के इतना कहने पर मैंने अपना फोन निकाला और उसमें अपनी एक फोटो दिखाने लगा जिसमें मैंने एक नारंगी रंग की अनारकली ड्रेस पहनी हुई थी और मैंने बहुत अच्छा मेकअप भी कर रखा था सोनिया के सामने अपनी लड़की वाली फोटो को अपने फोन में दिखाते हुए मेरे हाथ भी कांप रहे थे और मेरा फोन मेरे हाथ से गिनने को तैयार था फिर सोनिया ने मेरा फोन अपने हाथ में ले लिया और मेरी उस लड़की वाली फोटो को देखने लगी और मेरी फोटो को देखने के बाद सोनिया का मुंह खुला का खुला ही रह गया फिर सोनिया मोबाइल की स्क्रीन पर स्वाइप करने लगी और मेरे दूसरे फोटो भी देखने लगी उसमें मेरी कुछ शरारती टाइप की फोटो भी थी जैसे कि आजकल लड़कियां अजीब तरह से मुंह बनाकर फोटो खींचती हैं सोनिया बड़े ध्यान से मेरी सारी फोटो को देख रही थी और मुझे बहुत ही शर्मिंदगी महसूस हो रही थी इससे पहले कि सोनिया मेरे फोन में सब कुछ देख लेती मैं सोनिया से अपना फोन छीनना चाहता था

लेकिन मेरे हाथ और पैर जम से गए थे और मैं सोनिया से अपना फोन नहीं छीन सका फिर सोनिया ने एकएक करके मेरी सारी फोटो देख ली और फिर मेरी तरफ देखने लगी सोनिया को ऐसे देखकर मुझे बहुत शर्म आ रही थी और मुझे लग रहा था कि अब सब कुछ खत्म होने वाला है

लेकिन मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि सोनिया का और मेरा रिश्ता तरह से खत्म होगा फिर सोनिया ने मुझसे कहा कि शिवम तुमने आज मुझे सचमुच चौका दिया है मुझे नहीं पता था कि तुम कभी लड़कियों के कपड़े भी पहन सकते हो और तुमने इन फोटोस में लड़कियों वाले कपड़े पहनने के साथ-साथ अपने चेहरे पर मेकअप भी कर रखा है और हाथों में चूड़ियां भी पहनी हुई हैं

लेकिन तुम सच में लड़की बनकर काफी अच्छे लग रहे हो सोनिया कीय बात सुनकर मैं शर्मा गया तभी सोनिया ने मुझसे एक बार फिर पूछा कि शिवम क्या तुम्हें पूरा यकीन है कि तुम्हें लड़के पसंद नहीं है तो मैंने सोनिया से कहा कि हां मैं सच कह रहा हूं मुझे लड़के पसंद नहीं है मुझे तुम पसंद हो मेरी यह बात सुनकर सोनिया एकदम चुप हो गई फिर कुछ देर के बाद सोनिया ने मुझसे कहा कि मैं तुम्हें लड़की के रूप में देखना चाहती हूं और वो भी अभी सोनिया की यह बात सुनकर मैं एकदम से घबरा गया और मैं सोचने लगा कि मैं सोनिया के सामने लड़कियों वाले कपड़े कैसे पहन सकता हूं मैं तो शर्म से मर ही जाऊंगा तभी सोनिया ने मुझसे फिर से कहा कि जाओ तैयार होकर आओ सोनिया की यह बात सुनकर मैं कमरे में गया और अपने संदूक में से लड़की वाले कपड़े निकाले और फिर सोचने लगा कि मुझे क्या पहनना चाहिए जिससे कि सोनिया खुश हो जाए फिर मैंने गुलाबी रंग का लहंगा और चोली पहनने का सोचा मैं लड़कियो के कपड़े पहनने में और मेकअप करने में इतना माहिर हो चुका था कि मैंने बस एक घंटे में ही लहंगा चोली पहन लिया था और मेकअप भी कर लिया था और हाथों में चूड़ियां और कान में क्लिप वाले झुमके और नाक में क्लिप वाली नोज रिंग भी पहन ली थी और अपने सिर पर लंबे बालों की बिग भी सेट कर ली थी फिर जब मैं पूरी तरह से लड़की बनकर तैयार था तो मैंने खुद को बड़े से शीशे में देखा कि कहीं कोई कमी तो नहीं रह गई है तभी सोनिया की आवाज आई कि शिवम तुम तैयार हुए या नहीं फिर मैं धीरे-धीरे चलकर सोनिया के पास जाने लगा उस समय में डर और शर्मिंदगी से कांप रहा था मेरा एक कदम चलना भी मेरे दिल की बेचनी को बढ़ा रहा था और मेरे पैरों की पायल काफी शोर मचा रही थी पहले तो मुझे मेरे पैरों की पायल की आवाज बहुत अच्छी लगती थी

लेकिन उस समय मैं सोच रहा था कि यह पायल की आवाज आखिर इतनी तेज क्यों है फिर मैं धीरे-धीरे चलकर सोनिया के सामने जाकर खड़ा हो गया सोनिया बड़े गौर से मुझे देख रही थी और मैं चुपचाप शर्मिंदगी से अपना सिर झुकाए हुए खड़ा था और मैं सोच रहा था कि काश कोई जादू हो जाए और मैं सोनिया के सामने से बस गायब हो जाऊं क्योंकि मैं सोनिया के सामने लहंगे चोली में खड़ा था और मैं शर्म से मरा जा रहा था फिर सोनिया मेरे एकदम करीब आ गई और उसने अपने हाथों से चेहरे को पकड़कर ऊपर उठाया और मुझे देखने लगी और जब मैंने सोनिया को देखा तो मैंने फिर से एकदम से अपनी नजरें झुका ली यह देखकर सोनिया ने मुझसे कहा कि तुम इतना क्यों शर्मा रहे हो क्या तुम्हें मुझसे डर लग रहा है तो मैंने सोनिया से कहा कि क्या मैं अब अपने कपड़े बदल सकता हूं तभी सोनिया ने मुझसे कहा कि जब तुम्हें लड़कियों के कपड़े पहनने का इतना शौक है तो फिर इन लड़कियों वाले कपड़ों को बदलने में इतनी जल्दी क्यों कर रहे हो चलो आओ यहां बैठो मेरे पास और फिर सोनिया ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे अपने पास बिठा लिया मैं इतना ज्यादा घबराया हुआ था कि मैं सोनिया के सामने अपना चेहरा भी ऊपर को नहीं उठा पा रहा था फिर सोनिया ने मुझसे पूछा कि क्या हुआ तो मैंने धीरे से सोनिया से कहा कि मुझे बहुत डर लग रहा है मेरी यह बात सुनकर सोनिया ने मुझसे कहा कि इसमें डरने वाली कौन सी बात है और मुझे यह पता ही नहीं था कि तुम तुम लड़की बनकर इतने सुंदर लगोगे नहीं तो मैं खुद ही तुम्हें अपने कपड़े पहना देती सोनिया की यह बात सुनकर मैंने अपना चेहरा ऊपर किया और सोनिया को देखने लगा सोनिया की आंखों में मुझे मेरे लिए बहुत प्यार और अपनापन नजर आ रहा था फिर सोनिया ने मुझसे कहा कि ठीक है अगर तुम चाहो तो शादी के बाद भी लड़कियों वाले कपड़े पहन सकते हो और मेरे कपड़े भी पहन सकते हो सोने की यह बात सुनकर मैंने उससे पूछा कि क्या सच में तुम मुझसे अब भी शादी करोगी तो सोनिया ने कहा कि सिर्फ लड़कियों के कपड़े पहनने की वजह से मैं तुम्हें कैसे छोड़ सकती हूं जबकि मैं भी तो कभी-कभी लड़कों वाले कपड़े पहनती हूं और अभी भी मैंने तुम्हारे कपड़े पहने हुए हैं सोनिया की यह बात सुनकर मेरी आंखों में खुशी के आंसू आ गए और यह देखकर सोनिया ने मुझे एकदम से अपने गले से लगा लिया और फिर कुछ महीनों के बाद सोनिया की और मेरी शादी हो गई और शादी के बाद भी मैं लड़कियों के कपड़े पहनता हूं और मेकअप भी करता हूं और सोनिया भी मुझे लड़की के रूप में देखकर बहुत खुश होती है और मेरी मदद भी करती है और अब मैं बहुत खुश हूं

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