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रोहित ने छुपकर पहने लड़की के कपड़े और पकड़ा गया || Rohit ne chhuppkar pahne ladki ke kapde aur pakda gaya

यह कहानी रोहित नाम के एक लड़के की है जो छुप-छुपकर लड़कियों के कपड़े पहनता था

लेकिन एक दिन वह पकड़ा गया और फिर उसके साथ क्या हुआ यह सब आपको इस कहानी में पता चल जाएगा चलिए अब कहानी शुरू करते हैं यह कहानी उस समय शुरू हुई थी जब रोहित की उम्र लगभग 16 साल थी रोहित के परिवार में उसकी बड़ी बहन पिरया और उसके मम्मी पापा थे रोहित के पापा अपने बिजनेस की वजह से ज्यादातर शहर से बाहर ही रहते थे और रोहित की बड़ी बहन पिरया भी दूसरे शहर में रहकर अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी और इस वजह से रोहित और उसकी मां ही ज्यादातर घर पर रहते थे रोहित पढ़ने लिखने में बहुत अच्छा था और वह अपने दोस्तों के साथ घर से बाहर भी बहुत ही कम जाया करता था और ज्यादातर समय अपने ही घर में रहता था कभी-कभी रोहित की मां को रोहित का यह व्यवहार थोड़ा अजीब लगता था क्योंकि वह ज्यादातर अकेला रहना पसंद करता था एक दिन की बात है रोहित की मां रोहित के कमरे की सफाई कर रही थी तो अचानक से रोहित की मां को रोहित की अलमारी में कपड़ों के बीच में से एक बिरा और पेंटी दिख गई उस बिरा और पेंटी को देखकर रोहित की मां बहुत हैरान हुई कि उसके बेटे के कपड़ों में लड़कियों की बिरा और पेंटी कैसे आ गई फिर कुछ देर सोचने के बाद रोहित की मां ने समझा कि शायद प्रिया ने ही गलती से अपनी ब्रा और पेंटी उस अलमारी में रखी होगी क्योंकि पहले वोह कमरा प्रिया का ही था

लेकिन तभी रोहित की मां को एक छोटा सा बॉक्स दिखाई दिया जिसमें नेल पॉलिश लिपस्टिक फाउंडेशन और क्रीम जैसी चीजें रखी हुई थी अपने बेटे के कमरे में से लड़कियों वाले कपड़े और लड़कियों वाला मेकअप का सामान देखकर अब रोहित की मां सोच में पड़ गई थी कि आखिर यह सब सामान यहां कैसे आ गया फिर कुछ देर बाद रोहित की मां ने सोचा कि कहीं मेरा बेटा बरा और पेंटी को खुद तो नहीं पहनता है क्या मेरा बेटा एक किन्नर तो नहीं है नहीं नहीं मेरा बेटा किन्ना नहीं हो सकता क्या पता यह सब सामान प्रया का ही हो और रोहित को पता ना हो और क्या पता वो सब सामान रोहित की किसी गर्लफ्रेंड का हो रोहित की मां के मन में बहुत अजीब अजीब सवाल घूम रहे थे और रोहित की मां ने सोचा कि मुझे रोहित से इस बारे में पूछना चाहिए और फिर रोहित की मां ने वह सब लड़कियों वाला सामान वापस वहीं पर रख दिया जहां पर वह पहले रखा हुआ था फिर जब रोहित अपने स्कूल से वापस आया तो रोहित की मां उससे पूछने के लिए उसके पास जाने लगी

लेकिन फिर वो रुक गई और सोचने लगी कि मुझे ऐसे ही रोहित से कुछ नहीं पूछना चाहिए बल्कि मुझे रोहित पर नजर रखनी चाहिए कि आखिर रोहित के कमरे में लड़कियों वाले कपड़े और मेकअप का सामान कैसे आया और रोहित उनका क्या करता है और यही सोचकर रोहित की मां ने रोहित के ऊपर नजर रखनी शुरू कर दी दोपहर से रात हो गई

लेकिन रोहित की मां को कुछ भी पता नहीं चला क्योंकि रोहित हर रोज की तरह ही नॉर्मल तरह से अपनी मां से बात कर रहा था फिर रात को रोहित ने और उसकी मां ने खाया और फिर वह दोनों सोने चले गए रोहित की मां ने अपने कमरे की लाइट बंद कर ली और सोने की कोशिश करने लगी

लेकिन आज उनको नींद नहीं आ रही थी क्योंकि वह अपने बेटे के बारे में सोच सोच कर परेशान हो रही थी फिर कुछ देर के बाद रोहित की मां ने एक आवाज सुनी जो कि रसोई में से आ रही थी फिर जब रोहित की मां ने धीरे से झांक कर देखा तो रोहित पानी पीने के लिए उठा था फिर पानी पीने के बाद रोहित वापस अपने कमरे में चला गया और उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया फिर रोहित की मां भी अपने बिस्तर पर लेट गई और फिर कुछ देर के बाद रोहित की मां को चूड़ियों के खनकने की बहुत धीमी धीमी सी आवाज आने लगी उस आवाज को सुनकर रोहित की मां ने सोचा कि यह चूड़ियों की आवाज तो रोहित के कमरे से ही आ रही है कहीं ऐसा तो नहीं कि रोहित ने अपनी किसी गर्लफ्रेंड को यहां पर मिलने के लिए बुलाया हो फिर यही सोचते हुए रोहित की मां धीरे-धीरे उठी और रोहित के कमरे की खिड़की के पास जाकर खड़ी हो गई वो खिड़की तो बंद थी

लेकिन एक छोटे से छेद में से देखने पर कमरे के अंदर का काफी हिस्सा नजर आ रहा था और जब रोहित की मां ने ध्यान से देखा तो अंदर कमरे में बिरा और पैंटी पहने हुए और अपने हाथों और पैरों के नाखूनों पर नेल पुलिस लगाए हुए कोई लड़की बैठी थी और वो अपने हाथों में चूड़ियां पहनने की कोशिश कर रही थी और उसके सिर के बाल भी काफी लंबे थे रोहित की मां को अब समझ में आ गया था कि यह रोहित की कोई गलफ्रेंड ही है क्योंकि रोहित के सिर के बाल तो बहुत ही छोटे थे फिर जब उस लड़की ने अपना चेहरा खिड़की की तरफ को किया तो रोहित की मां यह देखकर हैरान ही रह गई कि वह कोई लड़की नहीं बल्कि रोहित ही था और उसने अपने होठों पर लिपस्टिक भी लगा रखी थी और अपनी आंखों में काजल भी लगा रखा था और उसके सिर पर लंबे बालों की हेयर बिग थी जिसकी वजह से रोहित की मां रोहित को लड़की समझ रही थी रोहित को इस रूप में देखकर उसकी मां की आंखें खुली की खुली ही रह गई फिर रोहित अपने हाथों में चूड़ियां पहनने के बाद कमरे में लड़कियों की तरह मटक मटक कर चलने लगा यह सब देखकर रोहित की मां बहुत हैरान थी और वह सोचने लगी कि उसका बेटा शायद एक किन्नर है और यह सोचकर रोहित की मां की आंखों में आंसू आ गए क्योंकि वो अपने बेटे को किन्नर के रूप में नहीं देख पा रही थी और फिर रोहित की मां ने तुरंत ही रोहित से बात करने की सोची

लेकिन तभी रोहित की मां ने देखा कि रोहित अपने स्कूल के बैग में से कुछ किताबें निकाल रहा था और फिर किताबें निकालने के बाद रोहित बेड पर बैठकर अपनी पढ़ाई करने लगा रोहित को इस तरह से लड़कियों के कपड़े पहनकर पढ़ाई करते हुए देखकर रोहित की मां को काफी अजीब लगा और वह फिर से सोचने पर मजबूर हो गई क्या आखिर रोहित ऐसा क्यों कर रहा है

लेकिन अपने बेटे को पढ़ाई पर अच्छी तरह से ध्यान लगाते हुए देखकर रोहित की मां ने सोचा कि रोहित से सुबह को बात करूंगी और फिर वह अपने कमरे में आकर सो गई फिर सुबह को रोहित की मां ने घर की साफ सफाई की और झड़ू पोंछा लगाया और फिर ना धोखा सड़े ब्लाउज पहना और हल्का सा मेकअप करके तैयार हो गई और फिर चाय और नाश्ता बनाने लगी उस दिन रविवार था और रोहित के स्कूल की छुट्टी थी इसलिए रोहित देर तक सो रहा था फिर जब रोहित सोकर उठा और बाथरूम में जाने लगा तो रोहित की मां रोहित को देखकर हैरान हो गई क्योंकि रोहित के चेहरे पर ना तो कोई मेकअप का निशान था और ना ही नाखूनों पर नील पोलिस यह देखकर रोहित की मां समझ गई कि रोहित को यह भी पता है कि मेकअप को हटाने के लिए क्या करना होता है और फिर उसके बाद रोहित नहाने के लिए बाथरूम में चला गया और फिर कुछ देर के बाद नहाकर और अपनी पैंट और शर्ट पहनकर तैयार हो गया अब रोहित पैट और शर्ट पहनने के बाद लड़कियों जैसी चाल नहीं चल रहा था बल्कि लड़कों की तरह ही चल रहा था यह देखकर रोहित की मां ने सोचा कि आज रोहित के स्कूल की छुट्टी है और अगर मैं इसे अकेला छोड़ दूं तो यह जरूर फिर से लड़कियों के कपड़े पहने का और तब मैं रोहित को रंगे हाथों पकड़ लूंगी और फिर रोहित से सारे सवाल पूछूंगी क्योंकि रात तो मैंने को इसलिए छोड़ दिया था क्योंकि यह अपनी पढ़ाई भी कर रहा था और यही सोचकर रोहित की मां ने रोहित से कहा कि बेटा तुम नाश्ता कर लेना मैं जरा अपनी सहेली से मिलने जा रही हूं और मुझे वापस आने में दोपहर हो जाएगी क्योंकि मेरी सहेली की तबीयत थोड़ी खराब है और आते समय में कुछ सब्जी वगैरह भी ले आऊंगी और इतना कहकर रोहित की मां घर से निकल गई अपनी मां के घर से बाहर जाते ही रोहित खुश हो गया और फिर रोहित ने सोचा कि अब तो मेरे पास लगभग चार घंटे हैं और अब मैं अपनी बहन के कपड़े पहनकर और मेकअप करके मजे करूंगा और यही सोचकर रोहित जल्दी से अपनी बहन के कपड़ों की अलमारी के पास पहुंच गया और फिर बिना देरी किए अपने कपड़े निकाले और अपनी बहन के कपड़ों को पहनने लगा सबसे पहले रोहित ने बिरा और पैंटी पहनी और उसके अंदर कुछ कपड़े भर लिए जिससे कि वह थोड़ा बहुत लड़की जैसा लगे फिर उसके बाद हित ने अपनी बहन के कपड़ों में से एक गुलाबी रंग की चूड़ीदार पजामी निकाली और उसे पहन लिया वह चूड़ीदार पजामी सिल्क जैसे कपड़े की बनी हुई थी और वह रोहित की टांगों पर एकदम चिपक गई थी फिर उसके बाद रोहित ने आधी बाजू के गुलाबी रंग की कुर्ती पहनी उस कुर्ती के पीछे का गला काफी गहरा था और उसमें पीछे की तरफ डोरियां भी बंधी हुई थी फिर उसके बाद रोहित ने अपने चेहरे पर थोड़ा बहुत मेकअप किया और फिर ने हाथों में चूड़ियां पहनी और फिर अपने हाथों और पैरों के नाखूनों पर नेल पुलिस लगा ली फिर उसके बाद रोहित ने एक दुपट्टा ओढ़ लिया और फिर वह शीशे के सामने खड़ा होकर खुद को निहारने लगा वह चूड़ीदार सलवार और कुर्ती सिल्क जैसे चिकने कपड़े की बनी हुई थी इसलिए जब भी रोहित कोई हरकत कर रहा था तो उस चिकने कपड़े की रगड़ से रोहित को एक अजीब सी खुशी मिल रही थी फिर उसके बाद रोहित शीशे में देखकर लड़कियों की तरह के लगाकर नाचने लगा वह नाचते हुए जब रोहित की नजर दरवाजे की तरफ गई तो वो एकदम से चौक गया क्योंकि उसकी मां पता नहीं कब से उसको लड़कियों की तरह नाचते हुए देख रही थी अपनी मां को सामने देखकर रोहित घबरा गया वह वहां से भागना चाहता था

लेकिन तब तक उसकी मां उसके पास पहुंच चुकी थी फिर रोहित ने अपना सिर नीचे को झुका लिया रोहित को लड़की के कपड़े पहने हुए और मेकअप किए हुए देखकर रोहित की मां बहुत उदास थी क्योंकि वह अपने बेटे को किन्नर बनते हुए देख नहीं पा रही थी फिर रोहित की मां ने रोहित से पूछा कि रोहित यह सब क्या है आखिर तूने यह अपनी बहन के कपड़े क्यों पहने हुए हैं और यह चेहरे पर मेकअप और हाथों में चूड़ियां आखिर तू यह सब क्यों कर रहा है रोहित अब समझ चुका था कि अब वो झूठ नहीं बोल सकता इसलिए उसने अपनी मां से कहा कि मां मुझे लड़कियों के कपड़े पह ना बहुत अच्छा लगता है और मेकअप करना और चूड़ियां पहनना भी और मैं बहुत कोशिश करता हूं कि मैं यह सब ना पहनू

लेकिन मैं खुद को रोक नहीं पाता और इतना कहकर रोहित रोने लगा तभी रोहित की मां ने रोहित के आंसू पछे और बड़े प्यार से उसे गले लगाया और उससे कहने लगी कि बेटा तू फिक्र मत कर जब तक मैं जिंदा हूं तब तक तुझे मुझसे कोई नहीं छीन सकता चाहे तू किन्नर ही सही

लेकिन मैं तो तुझे अपने बेटे की तरह ही प्यार करती हूं ना और इतना कहते हुए रोहित की मां की आंखों में भी आंसू आ गए अपनी मां की यह किन्नर वाली बात सुनकर रोहित ने अपनी मां से कहा कि मां मैं किन्नर नहीं हूं रोहित की यह बात सुनकर उसकी मां ने कहा कि बेटा तू घबरा मत मैं सब संभाल लूंगी और अब तू मुझसे कुछ भी मत छुपा क्योंकि अब तो मैं जान ही चुकी हूं कि तू किन्नर है अपनी मां की यह बात सुनकर रोहित ने फिर से अपनी मा मां से कहा कि मां आप गलत समझ रही हो मैं किन्ना नहीं हूं बस मुझे लड़कियों के सुंदर सुंदर और रंग बिरंगे कपड़े पहनना अच्छा लगता है और मेकअप करके खुद को खूबसूरत दिखाना भी अच्छा लगता है

लेकिन मैं किन्ना नहीं हूं मैं लड़का ही हूं रोहित की यह बात सुनकर रोहित की मां काफी आश्चर्य में थी कि उसका बेटा यह सब कैसी बातें कर रहा था और फिर रोहित की मां ने रोहित से पूछा कि बेटा तू यह सब क्या कह रहा है मेरी तो कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है एक तो तू लड़का होकर लड़की के कपड़े पहनता है मेकअप करता है और फिर कहता है कि तू किन्ना नहीं है तभी रोहित ने अपनी मां को समझाते हुए कहा कि मां जैसे कोई भी लड़की अपनी पसंद के हिसाब से लड़कों की तरह पैंट और शर्ट पहनती है और उसमें उसको खुशी मिलती है वैसे ही मुझे लड़कियों के कपड़े पहनने से और मेकअप करने से खुशी मिलती है और जिस तरह पैंट और शर्ट पहनने के बाद भी कोई लड़की मां बन सकती है वैसे ही मैं भी लड़कियों के कपड़े पहनने के बाद भी पापा बन सकता हूं क्योंकि मां कपड़े पहनने से किसी इंसान का एजेंडा नहीं बदल जाता रोहित की यह सब बातें सुनकर उसकी मां ने पूछा तो क्या बेटा तू सच में पापा बन सकता है तुझ में कोई कमी तो नहीं है तो रोहित ने कहा कि मां मैं एकदम ठीक हूं और मैं पढ़ लिखकर पापा का बिजनेस संभा लूंगा और आपके और पापा के लिए एक प्यारी सी ब लेकर आऊंगा रोहित की यह बात सुनकर उसकी मां खुश हो गई और फिर उन्होंने एकदम से रोहित को गले से लगा लिया और फिर रोहित से कहने लगी कि बेटा तुझे शायद पता नहीं कि मैं कितना डर गई थी और तुझे लड़की के रूप में देखकर तो मैं सोचने लगी थी कि कहीं तुझे लड़के तो पसंद नहीं है अपनी मां की यह बात सुनकर रोहित ने कहा कि नहीं मां मुझे लड़कियां ही पसंद है और स्कूल में मेरी क्लास में ही पढ़ने वाली अंजलि मुझे बहुत अच्छी लगती है और हम बहुत अच्छे दोस्त भी हैं रोहित की यह बात सुनकर उसकी मां बहुत खुश हुई कि उनका बेटा एकदम ठीक है फिर रोहित ने अपनी मां से कहा कि मां अब मैं अपने य कपड़े निकालने जा रहा हूं तभी उसकी मां ने कहा कि बेटा जब तुझे यह लड़कियों वाले कपड़े पहनना अच्छा लगता है तो इन्हें ही पहने रख बस इतना ध्यान रखना कि आस पड़ोस में किसी को तुम्हारे बारे में पता ना चल जाए नहीं तो पड़ोसी तुम्हारी शादी के टाइम पर बहुत टांग अड़ आएंगे और हर जगह तुम्हारी बुराई करेंगे क्योंकि मैं तो समझ गई हूं कि तुझे सिर्फ लड़कियों के कपड़े पहनना और खूबसूरत दिखना अच्छा लगता है

लेकिन कुछ लोग तुम्हें समझ नहीं पाएंगे तभी रोहित ने कहा कि हां मैं ध्यान रखूंगा

लेकिन मां लड़कियां भी तो लड़कों की तरह पैंट और शर्ट पहनती है व लड़कों की तरह सिर के बाल भी छोटे करवा लेती हैं उनको तो कोई कुछ नहीं कहता तभी रोहित की मां ने कहा कि बेटा लड़कियों को भी पहले पैंट और शर्ट पहनने पर बहुत बुरा भला बोला जाता था और ताने भी दिए जाते थे

लेकिन लड़कियों ने हिम्मत नहीं हारी और आज उसी हिम्मत की वजह से लड़कियों को कोई कुछ नहीं कहता और लड़कियां जो चाहे वह कपड़े पहन लेती हैं और एक दिन ऐसा भी जरूर आएगा जब लड़कों में भी लड़कियों की तरह कुछ भी करने की हिम्मत आ जाएगी तो फिर लड़कों को भी कोई कुछ नहीं बोलेगा अपनी मां कि यह बात सुनकर रोहित ने कहा हां मां आप सही कह रही हो लड़कियों में बहुत हिम्मत होती है और इसलिए मैं सोच रहा हूं कि बड़ा होकर पापा की तरह नहीं बल्कि आपकी तरह बनूंगा रोहित की यह बात सुनकर उसकी मां हंसने लगी और फिर रोहित से कहा कि चल मैं आज ही तुझे अपनी तरह बनाती हूं अपनी मां की यह बात सुनकर रोहित ने पूछा कि क्या मतलब है आपका तो रोहित की मां ने कहा कि मैं सोच रही हूं कि तुझे अपनी साड़ी और ब्लाउज पहनाकर और बोले श्रृंगार करके देखूं कि तू कैसा लगेगा अपनी मां की यह बात सुनकर रोहित खुश हो गया और खुशी के मारे अपनी मां से लिपट गया और फिर उसके बाद रोहित की मां ने रोहित को साड़ी ब्लाउज पहनाकर और अच्छी तरह से मेकअप करके और गहने पहनाकर तैयार कर दिया अब रोहित देखने में अपनी मां की तरह लग रहा था और अब रोहित बहुत खुश था और उसकी मां उसको देखकर बहुत खुश थी और फिर उस दिन से ही रोहित ने घर में लड़कियों के कपड़े पहनने शुरू कर दिए और अपनी पढ़ाई भी करता रहा रोहित के बारे में उसकी बहन पिरया और उसके पापा को भी पता चल गया था और वह दोनों भी रोहित का बहुत सपोर्ट करते थे और अब रोहित बहुत खुश है

 


 

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